15 करोड़ से खुलेंगे चार नए राजकीय इंटर कॉलेज
गोंडा। शिक्षा के मामले में जिला नए साल में नई ऊंचाइयों को छुएगा। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद जिले में चार नए राजकीय इंटर कॉलेज की स्थापना होगी।
तीन राजकीय इंटर कॉलेज का प्रस्ताव माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भेजा है और एक राजकीय बालिका इंटर कॉलेज का प्रस्ताव अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से तैयार हुआ है।
इंटर कॉलेज की स्थापना पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दो राजकीय इंटर कॉलेज गौरा विधान सभा क्षेत्र में स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए भूमि की व्यवस्था भी हो गई है। नए साल पर इन कालेजों के स्थापना का शुभारंभ तय माना जा रहा है।
जिले के 1054 गांव पंचायतों और 7 नगर क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था के तहत अभी तक सिर्फ 3 राजकीय इंटर कॉलेज हैं। जिसमें दो राजकीय इंटर कॉलेज शहर में हैं जिसमें एक बालिका इंटर कॉलेज है।
तीसरा मसकनवां छपिया में एक राजकीय बालिका इंटर कॉलेज है। इसके अलावा 45 सरकारी सहायता प्राप्त इंटर कॉलेज हैं और करीब 400 निजी हाईस्कूल व इंटर कॉलेज हैं।
इसके साथ ही 20 राजकीय हाईस्कूल राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान से संचालित हैं और एक माडल कालेज कंसापुर में है। इस तरह राजकीय इंटर कॉलेज की कमी होने से छात्रों को अच्छी शिक्षा व्यवस्था नहीं हो पा रही थी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब तीन राजकीय इंटर कॉलेजों के स्थापना की हरी झंडी मिली है। इसमें गौरा विधानसभा क्षेत्र में दो राजकीय इंटर कॉलेज की स्वीकृति मिली है। इसमें एक घारीघाट में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और दूसरा राजकीय इंटर कॉलेज गेलनपुर ग्रंट में स्थापित होगा।
इसके अलावा तरबगंज के करनीपुर गांव में राजकीय इंटर कॉलेज और करनैलगंज में बरगदी में राजकीय इंटर कॉलेज की स्वीकृति हुई है।
इसमें गौरा क्षेत्र के गेलनपुर ग्रंट के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के साथ ही करनैलगंज व तरबगंज के इंटर कॉलेज के स्थापना का प्रस्ताव माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भेजा है और घारीघाट के इंटर कॉलेज का प्रस्ताव अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से भेजा गया है।
इन इंटर कॉलेजों के स्थापना की स्वीकृति हो गई है और अब बजट जारी होने के बाद निर्माण शुरू होगा।
जिले के गौरा व तरबगंज विधानसभा क्षेत्रों में कालेजों की कमी थी। निजी क्षेत्र के लोगों ने गौरा क्षेत्र में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई।
अब राजकीय इंटर कॉलेज खुलने से इन क्षेत्रों के लोगों को अच्छी शिक्षा की सुविधा हासिल हो सकेगी। एक साल में इन कालेजों का संचालन शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
राजकीय इंटर कॉलेजों की स्थापना क्षेत्र के विधायकों की सक्रियता से संभव हो पाया। गौरा के विधायक प्रभात वर्मा ने बताया कि उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मांग किया था।
दोनों इंटर कॉलेजों से छात्रों को अच्छी शिक्षा व्यवस्था मिलेगी। तरबगंज के विधायक प्रेम नरायन पांडे ने कहा कि क्षेत्र में इंटर कॉलेज की आवश्यकता थी।
-माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। जिला विद्यालय निरीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा पर प्रस्ताव भेजा गया है।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी सुदीप पांडे ने बताया कि प्रस्ताव किया गया है एक इंटर कॉलेज पर करीब चार करोड़ की लागत आएगी। बजट मिलने और कार्यदायी संस्था तय होने पर निर्माण कार्य शुरू होगा।