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25 आंगनबाड़ी कार्यकत्री सहायिकाओं के शैक्षिक अभिलेख गायब

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25 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के शैक्षिक अभिलेख गायब

तरबगंज गोंडा। तरबगंज के बाल विकास परियोजना कार्यालय से 25 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के नियुक्ति से संबंधित अभिलेख कार्यालय से गायब हो गए हैं। क्षेत्र के एक व्यक्ति द्वारा मांगी गई जनसूचना में इसका खुलासा हुआ है।

तरबगंज की प्रभारी सीडीपीओ ने गायब अभिलेखों का ठीकरा कार्यालय के लिपिक के सिर फोड़ा है और उसे पूरे मामले के लिए दोषी ठहराया है। इस खुलासे के बाद कार्यकर्ताओं की नियुक्ति में फर्जीवाड़े की आशंका बढ़ गई है और विभाग में हड़कंप मच गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए है।
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तरबगंज के सिंगहाचंदा गांव के रहने वाले शिवशरन भारती ने गांव की आंगनबाड़ी कार्यकत्री संजू देवी पर फर्जी अंकपत्र के सहारे कार्यकर्ताओं की नौकरी हासिल करने का आरोप लगाया था और जनसूचना के माध्यम से उनके शैक्षिक अभिलेखों की छाया प्रति कार्यक्रम विभाग से मांगी थी।

शिवशरन का आरोप है कि बाल विकास परियोजना कार्यालय पर तैनात कर्मचारी जनसूचना देने से कतराते रहे। परेशान होकर उसने इसकी शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस में की थी। समाधान दिवस में शिकायत के बाद शिव शरन को जो सूचना उपलब्ध कराई गई उसके मुताबिक संजू देवी के तैनाती के संबंध में कोई भी अभिलेख कार्यालय में उपलब्ध न होने की जानकारी दी गई।

तरबगंज की प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी लीलावती के मुताबिक करीब 25 कार्यकत्री सहायिकाओं के अभिलेख कार्यालय में नहीं मिल रहे हैें। लीलावती ने इन अभिलेखों के गायब होने का ठीकरा कार्यालय के लिपिक दिलीप कुमार पर फोड़ा है। प्रभारी सीडीपीओ का कहना है कि अभिलेखों की जानकारी मांगे जाने के बावजूद यहां तैनात लिपिक दिलीप द्वारा एक भी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है जिससे जांच नहीं हों पा रही है।

251 कार्यकर्ताओं की नियुक्ति पर सवाल
तरबगंज। तरबगंज के बाल विकास परियोजना के अंतर्गत 137 आंगनबाड़ी कार्यकत्री व 114 आंगनबाड़ी सहायिका कार्यरत हैं। तैनाती के समय इनके शैक्षिक अभिलेखों के अलावा जाति,निवास व आय प्रमाण पत्र जमा कराए गए थे। मगर वर्तमान समय में इनमें से किसी के भी अभिलेख कार्यालय में मौजूद नही हैं। अभिलेखों के न मिलने से इनकी नियुक्तियों में गड़बड़ी की संभावना बढ़ गई है और नियुक्तियों पर सवालिया निशान लग गया है।

कार्यालय से कर्मचारी के अभिलेख का गायब होना गंभीर मामला है। परियोजना की प्रभारी सीडीपीओ से मामले की जानकारी मांगी गई है। इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जायेंगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
धमेंद्र कुमार गौतम ,प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी

20 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सेवा समाप्ति की नोटिस
मनकापुर। मनकापुर क्षेत्र की 20 आंगनबाड़ी कार्यकत्री सहायिकाओं को केंद्र संचालन न करने के आप्तरोप में सेवा समाप्ति की नोटिस दी गई है। प्रभारी डीपीओ ने बताया कि आयुक्त के आदेश के बावजूद कार्यकत्री सहायिकाएं हड़ताल पर है और केंद्र का संचालन नही कर रही हैं। इससे पोषाहार वितरण का कार्यक्रम प्रभावित है।
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आयुक्त के आदेश पर मनकापुर क्षेत्र के ज्ञानीपुर रामप्रसाद प्रथम की कार्यकत्री सुमन मौर्या,खजुरी की साधना शुक्ला,अमघटी द्वितीय की जगपाती, ककरघटा प्रथम की प्रदुम्र सिंह, कुड़वा जंगली मिनी की ऊषा मिश्रा,समसापुर मिनी की रीनू पांडेय, चौबेपुर द्वितीय की तिलका देवी,नरायनपुर प्रथम की शशिकला वर्मा, अंधियारी प्रथम की मधुबाला श्रीवास्तव, गुनौरा प्रथम की गीता त्रिपाठी,भिटौरा की संध्या सिंह, बंजरिया की गीता सिंह, मधईपुर की सविता पांडेय, भिटौरा प्रथम की राधा देवी,गुनौरा द्वितीय की शालिनी शुक्ला, गढ़ी प्रथम की सरिता सिंह, खजुरी प्रथम की पुष्पा मिश्रा, सोहांस की अमृता देवी, हड़हवा की सुशीला देवी व पठीठ द्वितीय की रत्नावलि सिंह को सेवा समाप्ति की नोटिस जारी की गई है। नोटिस मिलने के 15 दिनों के भतीर अगर केंद्र का संचालन नही किया जाता है तो इन सभी की सेवाएं समाप्त कर दी जाएगी।
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