कमिश्नर ने कारतूस बिक्री पर लगाई रोक
गोंडा। कमिश्नर एसवीएस रंगाराव ने शनिवार को कारतूस बिक्री पर रोक लगाते हुए प्रभारी अधिकारी आयुध से अब तक बेचे गए कारतूसों की पूरी रिपोर्ट तलब की है। आयुक्त ने कहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद ही अब कारतूसों की बिक्री की जाएगी।
आयुक्त ने कलेक्ट्रेट का निरीक्षण किया और कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व विभाग की समीक्षा की। निरीक्षण के पूर्व आयुक्त को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
देवी पाटन मंउल के आयुक्त एसवीएस रंगाराव ने लाइसेंसी असलहाधारियों को मनमाने तरीके से बेचे जाने वाले कारतूसों की बिक्री पर सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर के निरीक्षण में आयुक्त ने प्रभारी अधिकारी आयुध से जिले के लाइसेंसी असलहों व असलहा दुकानों के बारे में जानकारी हासिल की।
प्रभारी अधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 12663 लाइसेंसी असलहे हैं तथा असलहे की कुल पांच दुकानें हैं जिनमें से एक दुकान सीज की गई गई है। आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि जिले में लाइसेंसी असलहों के सापेक्ष अब तक बेचे गए तथा उसके सापेक्ष उपयोग किए गए कारतूसों की स्थिति की जांच रिपोर्ट उन्हें दें और तब तक कारतूस न बेचे जाएं।
आयुक्त ने सीलिंग अनुभाग, खनन अनुभाग का निरीक्षण किया और न्याय सहायक पटल पर विभिन्न न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की जानकारी ली। कलेक्ट्रेट के लिपिकों को एनआईसी से कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट में लगवाई गई बॉयोमैट्रिक मशीन को एक जनवरी 2018 से पूरी तरह से सक्रिय करने के निर्देश दिए।
प्रशासनिक अधिकारी कक्ष में आयुक्त ने विभिन्न अभिलेखों को खुलवाकर देखा तथा पूछताछ की। निरीक्षण के दौरान ने जनपद में तैनात कुल अमीनों तथा रिक्त पदों के बारे में भी पूछा तथा वसूली की वर्तमान स्थिति तथा बड़े बकायादारों के खिलाफ की गई कार्यवाही की जानकारी ली। निरीक्षण के बाद आयुक्त ने कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी गोण्डा जेबी सिंह, अपर आयुक्त प्रशासन देवीपाटन मण्डल आरएन वाजपेयी, अपर जिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र, नगर मजिस्ट्रेट पीडी गुप्ता, एसडीएम करनैलगंज नन्हे लाल एसडीएम मनकापुर उमेशचन्द्र उपाध्याय, एसडीएम तरबगंज अमरेश मौर्य, तहसीलदार सदर एसएन त्रिपाठी, प्रशासनिक अधिकारी कलेक्ट्रेट सहित कलेक्ट्रेट के अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।