वजीरगंज(गोंीडा)। पतंजलि जन्मस्थली पर न कोई अधिकारी आया न ही किसी जनप्रतिनिधि के दर्शन हुए। स्थानीय लोगों के साथ पतंजलि न्यास के अध्यक्ष स्वामी भगवदाचार्य ने योग कर लोगों को निरोग रहने के लिए योग करने का संदेश देकर योग दिवस मनाया।
शुक्रवार को विश्व योगदिवस भारत सहित दुनिया के सैकड़ों देशों ने मनाया। सयुंक्त राष्ट्रसंघ ने पांच वर्ष योग को मान्यता देते हुए 21 जून को योगदिवस मनाने की घोषणा की थी तब से ये दिवस मनाया जा रहा है। किंतु योगविद्या के जनक महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली पर योगदिवस के दिन भी खामोशी रही। प्रदेश सरकार ने योग दिवस को वृहद रूप से मनाने की तैयारी की थी किंतु पतंजलि के जन्मस्थान पर किसी अधिकारी कर्मचारी या जनप्रतिनिधि ने आना मुनासिब नहीं समझा। यद्यपि सुबह उपजिलाधिकारी संगमलाल यादव कुछ समय के लिए आकर औपचारिकता जरूर कर गए। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जिला कार्यवाह रविन्द्र गोस्वामी अपनी टीम के साथ सुबह पहुँच कर योग किया।
जिला प्रचारक आकाश ने उपस्थित लोगों को सूर्य नमस्कार समेत विभिन्न योग कराया। इस अवसर पर प्रचारक तुलसीराम, अविनाश, विष्णु प्रताप पांडेय, राकेश पांडेय, अवनीश, प्रदीप, आनंन्द श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे। स्थानीय युवाओं ने आक्रोश के साथ किया योगखुद के संसाधन से योग का कार्यक्रम करते आ रहे स्थानीय युवाओं विपिन सिंह, रविशंकर दूबे, धनजीत सिंह आदि ने जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के पतंजलि जन्मभूमि को नजर अंदाज करने पर आक्रोश व्यक्त किया है। युवाओं ने कहा कि चुनाव के समय घंटों योग करने वाले जीतने के बाद यहां आना मुनासिब नहीं समझते।