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मनचाहे तबादले के लिए सोशल मीडिया पर सूबे को मथ रहे हैं शिक्षक

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गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक मनचाहे तबादले की चाह में सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गए हैं। शासन को तबादलों के लिए भेजे गए प्रस्ताव पर भले ही अभी नीति जारी नहीं हुई है, लेकिन शिक्षक तैयारी में कोई चूक नहीं करना चाहते हैं। प्रस्ताव में पारस्परिक तबादलों के लिए कार्य करने की वर्ष सीमा तय नहीं है और तबादला भी पक्का है। इसलिए गोंडा में तैनात दूसरे जिलों के शिक्षक गोंडा आने वाले शिक्षकों की खोज में जुट गए हैं।
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पांच साल की सेवा शर्त तबादले में होने से पुरुष शिक्षक पारस्परिक तबादले के लिए साथी खोजने में प्रदेश के हर जनपद को खंगाल रहे हैं। कोई गोंडा आने वाला मिल जाए तो वे उसे साथ लेकर पारस्परिक तबादला करा सकें। शिक्षकों के तबादले की नीति के लिए विभाग ने प्रस्ताव शासन को भेजा है। जिसमें पांच साल की सेवा जिलों में दे चुके पुरुष शिक्षक ही आवेदन कर सकते हैं। लेकिन पारस्परिक तबादले में इस शर्त से छूट है। इससे बीते तीन साल से जिले में नौकरी कर रहे शिक्षकों में तबादले की उम्मीद जग गयी है।

वैसे तो शर्त में छूट की मांग भी कर रहे हैं लेकिन बीते साल अवसर न मिलने से इस बार मौका नहीं छोड़ना चाहते हैं। गैर जिला तबादले के लिए व्हाट्सऐप ग्रुप बना कर अपनी डिटेल भेज रहे हैं और अपने पसंद का जिला भी बता रहे हैं। जिससे गोंडा आने वाला संपर्क करें तो अभी से पक्का कर सकें। गोंडा की संध्या ने गौतमबुद्ध नगर जाने की जानकारी दी है और मोबाइल नंबर पर संपर्क करने को कहा है।
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इसी तरह विपिन कांत ने तो बाकायदा प्रारूप तैयार किया है। जिसमें कोई भी अपनी डिटेल भर कर वायरल करे हो सकता है कोई साथी दूसरे जनपदों में गोंडा आने को मिल जाएं। इसके साथ ग्रुपों में शिक्षक तबादले के लिए साथी की खोज में जुटे हैं। एक संगठन ने तो फेसबुक पर सभी शिक्षकों से ब्योरा मांगा है कि वे कहां हैं और कहां जाना चाहते हैं। इससे एक दूसरे से लोगों को मिलाया जा सके।

ऐसे ही संदीप कुमार, प्रशांत सिंह आदि भी अपनी डिटेल जारी कर रहे हैं। एक हजार से अधिक शिक्षकों ने दो दिनों में पारस्परिक तबादले के लिए साथी की तलाश में डिटेल सोशल मीडिया पर जारी की है। तबादले में सहयोग के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाने वाले शिक्षक उदयभान कहते हैं कि इससे ज्यादातर शिक्षकों को तबादले के लिए अपने स्थान पर आने वाले शिक्षक मिल सकते हैं। प्रयास किया जा रहा है।

लखनऊ व गाजियाबाद में शिक्षकों को पारस्परिक मिलना मुश्किल
पारस्परिक तबादले में सबसे ज्यादा मुश्किल गाजियाबाद, लखनऊ, इलाहाबाद जाने वाले शिक्षकों के सामने है। इन जिलों में तैनात शिक्षक गोंडा आने वाले नहीं हैं। माना जा रहा है कि गोंडा के लोग इन जिलों में कम ही हैं। जो हैं भी वह आने वाले नहीं हैं। ऐसे में गोंडा से इन प्रमुख शहरों में पारस्परिक तबादले के लिए साथी खोजने से नहीं मिल रहे हैं।

जुलाई से शुरू होना है आवेदन
अभी से बहा रहे पसीना विभाग के प्रस्ताव स्वीकृत हुए तो जुलाई में आवेदन होने हैं। लेकिन शिक्षक अभी से पसीना बहाने में जुट गए हैं। पिछले साल हुए तबादले में बड़ी संख्या में लोग गैर जनपद चले गए लेकिन जिले दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं हो पाया था। इस बार भी महिलाओं को आवेदन में छूट दी गई है उनके सेवा वर्ष की कोई बाध्यता नहीं है। ऐसे में बड़ी संख्या में तबादला तय माना जा रहा है। इसी वजह से पुरुष शिक्षक पारस्परिक तबादले की तैयारी में जुटे हैं। जिससे उन्हें भी अवसर मिल सके।
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अभी नहीं मिला आदेश
तबादले के लिए अभी कोई आदेश नहीं जारी हुआ है। प्रस्ताव की जानकारी हुई है। शासन से जैसा आदेश होगा उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -मनिराम सिंह, बीएसए
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