यात्री से ठगी में आरक्षण लिपिक व सुपरवाइजर निलंबित
सीनियर डीसीेएम के निर्देश पर जांच के बाद एसीएम ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। मसकनवा निवासी एक यात्री को वेटिंग टिकट के लिए बार-बार दौड़ाने व उससे 1300 रुपये ठगी के मामले में सहायक वाणिज्य प्रबंधक ने आरक्षण लिपिक के साथ सुपरवाइजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही यात्री से वसूले गए 1300 रुपये भी शनिवार को उसे वापस कराए गए।
कालेगांव मसकनवा के रहने वाले मो.इम्तियाज ने अपने भाई साहेआलम के लिए तत्काल में मुंबई के लिए लखनऊ से चलने वाली सुपरफास्ट ट्रेन का टिकट बुक कराया था। टिकट को कंफर्म कराने के लिए मो. इम्तियाज मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक श्याम मनोहर सिंह व आरक्षण लिपिक एपी सिंह से मिला। जिन्होंने मो.इम्तियाज से टिकट कंफर्म कराने के लिए 4 हजार रुपए मांगे। इसपर उसने 3000 रुपये उन्हें दे दिए। पैसे लेने के बाद दोनों लोगों ने उसे आश्वासन दिया कि उसका टिकट कंफर्म हो जाएगा। ट्रेन से मुंबई जाने के लिए वह लखनऊ पहुंचा ही था कि उसे पता चला कि उसका टिकट अभी तक कंफर्म नहीं हुआ है। इसपर उसने दोनों लोगों को कई बार फोन भी मिलाया। लेकिन फोन नहीं उठा।
बताते हैं कि मो.इम्तियाज ने लखनऊ रेलवे स्टेशन स्थिति अमानत घर में अपना सामान रखा और भागकर गोंडा आया। जहां उसने दोनों लोगों से बात की और बकाया पैसा मांगा। इसपर दोनों ने उसे 1700 रुपये तो वापस कर दिए और कहा कि 1300 रुपये उनके पास हैं। जिसमें वह उसका टिकट कंफर्म करा देंगे। लेकिन इसके बाद भी ऐसा नहीं हुआ। इस बीच आरपीएफ को मामले की भनक लग गई और वह मो.इम्तियाज से पूछताछ करने लगी। मो.इम्तियाज से सारी बात पता चलने पर इसकी शिकायत सीनियर डीसीएम से हुई जिसपर उन्होंने इसकी जांच सहायक वाणिज्य प्रबंधक एमपी सिंह को दे दी। प्रथम दृष्टया मामले में दोषी पाए जाने पर एमपी सिंह ने आरक्षण लिपिक व मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक को निलंबित कर दिया। वहीं शनिवार को 1300 रुपये भी क्षेत्रीय प्रबंधक शिवेन्द्र सिंह व आरपीएफ इंस्पेक्टर एमके खां ने यात्री को वापस कराए। हालांकि इस पूरे मामले में मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक श्याम मनोहर सिंह का आरोप है कि एक साजिश के तहत उन्हें इसमें फंसाया गया है।