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पेट्रोलपंप पर धू-धू कर जली एंबुलेंस, बड़ा हादसा टला

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पेट्रोलपंप पर धू-धू कर जली एंबुलेंस, बड़ा हादसा टला
समय रहते पेट्रोल पंप कर्मियों व फायर ब्रिगेड ने आग पर पाया काबू
कार्ड में बैलेंस की जानकारी करने पेट्रोलपंप के भीतर गए थे एबुंलेस चालक व ईएमटी
अमर उजाला ब्यूरो
झंझरी(गोंडा)। बेलसर रोड पर तिवारीबाजार के नजदीक स्थित जीके किसान सेवा केन्द्र पेट्रोल पंप पर एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। दोपहर सवा 12 बजे यहां तेल भराने आई एक एबुंलेंस देखते ही देखते धू-धू कर जल उठी। जिसके बाद आनन-फानन में पेट्रोलपंप कर्मियों ने न सिर्फ जलती हुई एंबुलेंस में लगी आग पर काबू पाया। बल्कि पेट्रोल पंप को भी जलने से बचा लिया। 108 नम्बर की एबुंलेंस आग लगने से पूरी तरह कबाड़ में तब्दील हो चुकी है।
अभी तक तो इस तरह से अचानक आग लगने की घटनाएं केवल रोडवेज की बसों में ही हुआ करती थी। लेकिन शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की 108 एंबुलेंस में जिस तरह से आग लगी। उसने हर किसी को सोंचने के लिए मजबूर कर दिया है। तिवारी बाजार के प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो दोपहर के करीब साढ़े 12 बजे होंगे। जिस समय यह एंबुलेंस जीके किसान सेवा केन्द्र पर तेल भराने पहुंची। एबुंलेंस का चालक व ईएमटी दोनों लोग पेट्रोलपंप की केबिन में खड़े पेट्रोलपंप कर्मियों से बात कर रहे थे कि उसी बीच एंबुलेंस से आग की लपटें निकलने लगीं। पेट्रोलपंप पर तैनात कर्मी और एंबुलेंस चालक व ईएमटी जब तक कुछ समझ पाते। उतनी देर में एबुलेंस के भीतर रहे आक्सीजन सिलेंडर दगने शुरू हो गए। जिससे एंबुलेंस के परखच्चे उड़ गए। आनन-फानन में पेट्रोलपंप कर्मियों ने तत्काल इसकी सूचना फायरब्रिगेड को दी। वहीं पेट्रोलपंप पर उपलब्ध अग्निशमन यंत्रों से आग पर काबू पाने में जुट गए।
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गनीमत रही कि आग पूरे पेट्रोलपंप को अपनी आगोश में लेती, इससे पहले ही पेट्रोलपंप कर्मियों ने पाइप लाइन से होने वाली पेट्रोल व डीजल की आपूतिर्द बंद कर दी। जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। करीब दो घंटे तक चली मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड की दो गाड़िय़ों ने आग पर काबू पाया। लेकिन तबतक 108 सेवा की एंबुलेंस पूरी तरह कबाड़ में तब्दील हो चुकी थी। वहीं एंबुलेंस के भीतर मौजूद लाइफ सेविंग की आलमारी सहित तीन आक्सीजन सिलेंडर, आग बुझाने वाले संयंत्र सहित सबकुछ जलकर कबाड़ हो गया। आग लगने की इस घटना के बाद एबुंलेंस चालक व ईएमटी दोनों वहां से भाग लिए। पेट्रोलपंप पर लगी आग की सूचना मिलते ही एसपी उमेश कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने स्थिति का जायजा लिया। जीवीके इमरी के प्रोजेक्ट मैनेजर उमाशंकर का कहना है कि आग किन कारणों से लगी है, उसकी जांच कराई जाएगी। उधर सीएमओ डा.उमेश सिंह यादव ने एंबुलेंस में आग लगने की घटना को गंभीर मानते हुए इसकी जांच की बात कही है।

गनीमत रही कि नहीं था कोई मरीज
सबसे बड़ी गनीमत की बात तो यह रही कि जिस वक्त 108 सेवा की इस एंबुलेंस में आग लगी, उस वक्त इस पर कोई मरीज नहीं था। अन्यथा उसके साथ एक बड़ा हादसा हो सकता था। आग कैसे और किन कारणों से लगी, इस बाबत न तो जीवीके इमरी के प्रोजेक्ट मैनेजर उमाशंकर कुछ बोलने को तैयार हैं न ही पेट्रोलपंप कर्मी। लेकिन माना जा रहा है कि आग एंबुलेंस के भीतर हुई शार्ट-सर्किट से ही लगी।
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इनसेट
एक-एक कर तीन आक्सीजन सिलेंडरों से हुआ ब्लास्ट
जीके किसान सेवा केन्द्र पेट्रोलपंप पर तेल भराने पहुंची एंबुलेंस में जैसे ही आग लगी, उसके कुछ देर बाद एंबुलेंस में रखा आक्सीजन का एक बड़ा सिलेंडर तो दो छोटे सिलेंडर एक के बाद एक ब्लास्ट कर गए। जिससे न सिर्फ एंबुलेंस के परखच्चे उड़ गए, बल्कि पेट्रोलपंप के ऊपर लगे सोलर पैनल से लेकर पेट्रोल पंप की शेड तक तबाह हो गई। वहीं पेट्रोलपंप की केबिन में लगे कांच भी ब्लास्ट से बिखर गए।
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