शिक्षामित्रों ने किया लखनऊ मार्ग जाम, प्रदर्शन
तिरंगे संग सोमवार को लखनऊ कूच का ऐलान
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। सहायक अध्यापक पद पर बहाल किए जाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे शिक्षामित्रों ने अपने आंदोलन के तीसरे दिन शनिवार को गोंडा लखनऊ मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए मोदी-योगी के खिलाफ नारेबाजी की तिरंगे झंडे के साथ सोमवार को लखनऊ कूच का ऐलान किया। धरने के बाद शिक्षामित्र संगठन ने मुख्यमंत्री को संबोधित अपना चार सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारी को सौंपा।
25 जुलाई को सहायक अध्यापक पद से समायोजन निरस्त होने के बाद शिक्षामित्र सड़क पर उतर आए थे। आंदोलन को देखते हुए योगी सरकार ने शिक्षामित्र संगठन के नेताओं से मुलाकात कर 15 दिन का समय मांगा था और समस्या के निस्तारण का भरोसा दिलाया था। मुख्यमंत्री के अश्वासन के बाद शिक्षामित्र फिर से शिक्षण कार्य में लग गए थे। 16 अगस्त को सरकार ने शिक्षामित्र नेताओं को फिर से बातचीत के लिए बुलाया लेकिन यह वार्ता विफल हो गई। इसके बाद शिक्षामित्र 17 अगस्त से फिर से सड़क पर उतर आए और लगातार धरना प्रदर्शन कर शिक्षामित्रों की बहाली के लिए सरकार से अध्यादेश लाने की मांग कर रहे हैं। शनिवार को धरने के तीसरे दिन जिला पंचायत के टिन शेड में इकट्ठा हुए शिक्षामित्रों ने प्रदेश की सरकार पर धोखा देने का आरोप लगाया। धरने को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिला मंत्री अभिमन्यु मिश्र ने कहा कि अगर सरकार ने शिक्षामित्रों के छल किया तो आने वाला समय सरकार में बैठे लोगों को कभी माफ नहीं करेगा। शिक्षामित्रों ने मोदी व योगी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला मीडिया प्रभारी अवधेश मणि मिश्रा ने कहा कि सहायक अध्यापक पद पर बहाली होने तक शिक्षामित्रों का संघर्ष जारी रहेगा। धरने के बाद शिक्षमित्रों ने तिरंगे के साथ जुलूस निकाला। गोंडा लखनऊ मार्ग पर पहुंचते ही शिक्षामित्र सड़क पर ही धरने पर बैठ गए जिससे गोंडा लाखनऊ मार्ग जाम हो गया। जाम के कारण इस रास्ते पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और धूप व उमस भरी गर्मी से लोग परेशान रहे। रास्ता जाम होने से मरीज को ले जा रही एक एबुंलेस भी करीब 20 मिनट तक फंसी रही। इसके बाद शिक्षामित्रों ने अध्यादेश लाकर शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक पद पर बहाल करने,अध्यादेश लाने तक समान कार्य समान वेतन देने,कोर्ट में पुर्नविचार याचिका दाखिल करने व विकल्प के रुप में शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के समकक्ष वेतनमान देकर शिक्षा सहायक के पद पर समायोजित करने समेत चार सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी को सोैंपा। इसके साथ ही शिक्षामित्रों ने तिरंगे के साथ सोमवार को लखनऊ कूच का ऐलान किया। धरने में संजूलता तिवारी, माधुरी सिंह, ममता, गरिमा, सुनीता, बीना, बबिता सिंह, रामलाल साहू, जितेंद्र प्रकाश ओझा, सत्यव्रत सिंह, प्रदुम्र शुक्ल,जितेंद्र नाथ तिवारी,राजकुमार,शिवशंकर,वशिष्ट पांडेय समेत अन्य मौजूद रहे।
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समर्थन में उतरे शिक्षक संगठन
शनिवार को शिक्षामित्रों के धरने को जिले के विभिन्न जनसंगठनों ने समर्थन देने का ऐलान किया। शनिवार को शिक्षामित्रों का समर्थन करने के लिए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक सिंह,जिला मंत्री विनय कुमार तिवारी,पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के महामंत्री अशोक पांडेय,माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडलीय मंत्री विनय शुक्ला,सीपीएम के जिला सचिव राजीव कुमार,राज्य कर्मचारी संघ के सत्यनरायन त्रिपाठी,कर्मचारी ट्रेड यूनियन के दिलीप शुक्ला, सीआईटीयू के जिला संयोजक राजेश दीक्षित,राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष इंद्रपाल तिवारी, राजस्व संग्रह अमीन के ईश्वर शरण त्रिपाठी,सिंचाई विभाग के चंद्रशेखर व डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ के प्रमोद कुमार आचार्य समेत अन्य लोग धरनास्थल पर पहुंचे और शिक्षामित्रों की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर चलने का समर्थन दिया।