नवाबगंज/गोंडा। नवाबगंज में मकान कब्जेदारी का विवाद दिन-ब-दिन गंभीर होता जा रहा है। भार्गव गैस एजेंसी संचालक रमाकांत भार्गव और मकान पर जबरन कब्जे के आरोपी व पूर्व मंत्री के करीबी अशोक कुमार उर्फ गिंडू सिंह के बीच विवाद में पुलिस की भूमिका सवालों से घिरी है। रमाकांत की पत्नी आभा भार्गव ने पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर को पत्र लिखकर परिवार के जान-मान की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
एसपी को प्रेषित पत्र में कहा है कि गैस एजेंसी पर प्रतिदिन लाखों रुपए कैश का लेन-देन बैंक के माध्यम होता है। विवाद के बाद से उनके कैश और सहमे परिवार के सदस्यों के साथ अनहोनी का भय बना है।
रंजन भार्गव ने बताया कि एक तरफ नवाबगंज थाने की पुलिस सुरक्षा का भरोसा दिलाती है, जबकि दूसरी तरफ गुरुवार को प्रभारी निरीक्षक करुणाकर पांडेय ने चौकी और थाने की फोर्स के साथ रात आठ बजे विवादित मकान में फिर से आरोपी ठेकेदार अशोक सिंह की तरफ से मकान के ऊपरी कमरों में ताला लगा दिया।
उधर, तरबगंज के एसडीएम शत्रुघन पाठक ने शुक्रवार को पीड़ित परिवार से फोन पर बात कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ठेकेदार और पूर्व मंत्री के करीबी अशोक कुमार उर्फ गिंडू सिंह ने मामले के बारे में पूछने पर कहा कि मेरा ब्लड प्रेशर बढ़ गया है। अभी डॉक्टर को दिखाने आया हूं। कल बात होगी। जबकि वीडियो जारी करने वाली पीड़िता रुचि भार्गव ने स्थानीय पुलिस पर अशोक कुमार सिंह उर्फ गिंडू का साथ देने का आरोप लगाया है। कहा कि प्रभारी निरीक्षक करुणाकर पांडेय को प्रार्थना पत्र देने के बावजूद उनका मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
उचित सुरक्षा प्रदान की जाएगी
क्षेत्राधिकारी तरबगंज संसार सिंह राठी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। अवैध कब्जेेदारी में नवाबगंज पुलिस की भूमिका की भी परखी जा रही है। संलिप्तता मिलने पर दोषी पुलिसकर्मी बख्शे नहीं जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद एफआईआर संबंधी कार्रवाई की जाएगी। फरियादी परिजनों को उचित सुरक्षा भी प्रदान की जाएगी।
- आकाश तोमर, एसपी गोंडा