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Gonda News: बैनामा घोटाले के लिए चल रहा था फजी रजिस्ट्री दफ्तर

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गोंडा। जिले में भूमि बैनामे का फर्जीवाड़ा बहुत संगठित तरीके से चल रहा है। इस बात का अंदाजा इसी से लग सकता है कि शातिरों ने बैनामे के अभिलेख तैयार करने के लिए एक फर्जी रजिस्ट्री दफ्तर तक खोल रखा था। यहीं से फर्जी अभिलेख तैयार होते थे और उन्हें रजिस्ट्री दफ्तर में शामिल करने का खेल चलता था। जांच के दायरे में रजिस्ट्री दफ्तर तो पहले से ही है, इसके अलावा तहसील की भूमिका की भी अब पड़ताल होगी। साथ ही नगर पालिका कार्यालय भी जांच के दायरे में आ गया है।
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बैनामा घोटाले में बिना बैनामे के ही जिल्द बदलकर अभिलेखों में हेराफेरी की गई। इस पूरे फर्जीवाड़े से पर्दा तब उठा जब जमीन के मालिकों ने बैनामा न किए जाने की जानकारी अधिकारियों को दी। इसके बाद 32 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। वहीं 60 बैनामे जांच के दायरे में हैं। अभी कई और केस दर्ज होने की तैयारी हो रही है।
सदर के उपनिबंधक कार्यालय में ये खेल कई सालों से हो रहा था। पुलिस की ओर से दर्ज किए गए मुकदमों के अनुसार बिना बैनामा कराए ही अभिलेखों में हेराफेरी की गई और फर्जी अभिलेख दाखिल किए गए। इसी में एक मामला ऐसा हैं, जिसमें मृत्यु प्रमाण पत्र दाखिल किया गया है। मृत्यु प्रमाण पत्र नगर पालिका गोंडा से जारी होना बताया गया है। इसकी जांच के लिए बीते दिनों एसआईटी टीम ने नगर पालिका जाकर जांच की थी। उस समय अभिलेख की जानकारी नहीं हो सकी। अब नगर पालिका के लोगों की मिलीभगत की भी जांच होनी तय है। दर्ज हुए मुकदमों की जांच राज्य स्तरीय एसआईटी के साथ ही जिले की क्राइम ब्रांच की टीम भी कर रही है।
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जांच में चौंकाने वाले तथ्य उजागर
बैनामा घोटाले की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पूर्व में हुई जांच रिपोर्ट में बैनामों से जुड़े अभिलेखों में हेराफेरी करने के साथ छेड़छाड़ भी की गई है। कई पन्ने फाड़े जाने की बात भी कही जा रही है। माना जा रहा है कि इस पूरे खेल में रजिस्ट्री दफ्तर के कर्मियों की मिलीभगत भी रही, जिसके चलते लिपिक अरविंद और अनुचर ननकू को निलंबित भी किया जा चुका है।
फर्जी बैनामा मामले में सभी के केस दर्ज कराए जा रहे हैं, विवेचनाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। एक आरोपी गिरफ्तार किया जा चुका है, अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम काम कर रही है। मामला गंभीर है, इसमें दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उपेंद्र अग्रवाल, पुलिस उपमहानिरीक्षक
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