गोंडा। बोर्ड परीक्षा से पहले नकल माफिया फिर सक्रिय हो गए हैं। बोर्ड परीक्षा फार्म भरने में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद नकल इनकी पैठ की आशंका बढ़ गई है। कुछ छात्रों के फार्म दो कॉलेजों से भरवाए गए हैं, उसमें कहीं न कहीं नकल माफिया की दखल लग रही है। फिलहाल जांच शुरू की गई है।
कल के लिए पहले से बदनाम जिले के नाम का जिक्र 2012 विस चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। उन्होंने गोंडा को नकल की मंडी बताया था। इसके बाद बड़े स्तर पर कार्रवाईयां हुईं और सख्ती भी।
बीते शनिवार को परीक्षा फार्मों को भरवाने में एक खेल पकड़ में आया है। वहीं 289 कॉलेजों की ओर से बोर्ड को छात्रों का ब्यौरा न भेजने से सवाल खड़े हुए। बोर्ड परीक्षा फार्म भरने में जिन 29 छात्रों के फार्म दो कॉलेजों से भरवाए गए हैं, उसमें दाल में कुछ काला लग रहा है।
परीक्षा फार्मों की जांच में यूपी बोर्ड ने ये मामला पकड़ा है। जिले को पूरी रिपोर्ट भ्ज्ञी भेजी है। इसी तरह 289 स्कूलों से छात्रों की नामावली जिले से बोर्ड को न भेजे जाने से बोर्ड के अधिकारी सतर्क हो गए हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ ही मजिस्ट्रेट एक-एक कॉलेज का सत्यापन कर रहे हैं ताकि नकल माफिया को बोर्ड परीक्षा से दूर रखा जाए। इसी दौरान आ रहे नए- नए मामलों ने प्रशासन को सकते में डाल दिया है।
50 इंटर कॉलेजों को नोटिस जारी
यूपी बोर्ड परीक्षा 2023 में दोहरे आवेदन का मामला सामने आया है। यूपी बोर्ड ने 29 छात्रों की रिपोर्ट भेजी है, जिनके यूपी बोर्ड में दो-दो कॉलेजों से आवेदन किए गए हैं। डीआईओएस ने 50 इंटर कॉलेजों को नोटिस जारी किया है। डीआईओएस राकेश कुमार ने बताया कि यह भी पता किया जा रहा है कि कहीं यह नकल करानेे लिए तो नहीं किया गया है। फिलहाल जांच कर रहे हैं।
289 विद्यालयों को दी गई चेतावनी
बोर्ड परीक्षा के लिए छात्रों का डाटा समय से यूपी बोर्ड नहीं पहुंचा। 289 कॉलेजों की लापरवाही उजागर हुई है। कॉलेजों को कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। डीआईओएस राकेश कुमार ने कॉलेजों को एक सप्ताह में डाटा भेजने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी है कि दोबारा ऐसेे लापरवाही पर कॉलेजों की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई होगी।
बोर्ड परीक्षा में दोहरे फार्म भरने के मामले में कॉलेजों से जवाब तलब किया गया है। वहीं 289 कॉलेजों को नोटिस जारी की गई है, सुधार की हिदायत भी दी है। राकेश कुमार, डीआईओएस