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दुष्कर्म व छेड़खानी में दो को 20 साल का कारावास

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गोंडा। महिला से दुष्कर्म और उसकी नाबालिग बेटी से छेड़खानी, लूट व पॉक्सो एक्ट के मुकदमे में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट चंद्र मोहन चतुर्वेदी ने दो आरोपियों को 20-20 साल के कारावास व 22 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट अशोक कुमार सिंह व सुनील कुमार मिश्र के अनुसार, साल 2020 में इटियाथोक थाना क्षेत्र की एक महिला ने थाने में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि 12 अक्टूबर 2020 को वह नाबालिग बेटी के साथ सुबह छह बजे शौच के लिए गई थी। तभी उसके विपक्षी पाटनदीन दूबे और राजेंद्र तिवारी निवासी ग्राम दरियापुर हरदोपट्टी मिल गए और लाठी से मारना शुरू कर दिए। इसी दौरान दोनों लोग उसे व उसकी बेटी को बगल में गन्ने के खेत में खींच ले गए। दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया और नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ की।
इसके बाद जाते समय उसकी बेटी की सोने की चेन लूट ले गए। पीड़ित महिला के प्रार्थना पत्र पर इटियाथोक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तब पीड़िता ने न्यायालय में परिवाद दायर किया। परिवादिनी व गवाहों के बयान के बाद पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने आरोपी पाटनदीन दूबे व राजेंद्र तिवारी को जरिए सम्मन तलब किया। विचारण के दौरान विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट चंद्र मोहन चतुर्वेदी ने दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध महिला से दुष्कर्म, बालिका से छेड़खानी, लूट व बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) अपराध का पुख्ता सबूत मिलने पर दोषसिद्ध करते हुए मंगलवार को आरोपी पाटनदीन दूबे व राजेंद्र तिवारी को महिला से दुष्कर्म, नाबालिग बालिका से छेड़खानी, लूट व बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के अपराध में 20-20 साल कारावास व 22 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। (संवाद)
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