गोंडा। जिलाधिकारी कार्यालय परिसर (कलेक्ट्रेट) का आयुक्त महेंद्र प्रसाद अग्रवाल ने शुक्रवार को निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि कलेक्ट्रेट में राजस्व रिकार्ड के बस्ते बड़ी संख्या में रखे हैं। कई अभिलेख तो ऐसे हैं जिनकी अब कोई जरूरत भी नहीं है। इसके बाद भी कार्यालयों में अभिलेख जमा है। उन्होंने नए सिरे बस्ता तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कहा कि पुराने अभिलेखों को हटाया जाए।
शुक्रवार को मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अपर जिलाधिकारी न्यायालय, मुख्य राजस्व अधिकारी न्यायालय, डीडीसी न्यायालय, एसओसी न्यायालय, संग्रह कार्यालय, राजस्व अभिलेखागार, रिकॉर्ड रूम, भूलेख कार्यालय का निरीक्षण किया।
उन्होंने अभिलेखों की नकल लेने के लिए प्रतिदिन आने वाले आवेदन वाले बाक्स को देखा, इसमें सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित लिपिक से पुराने अभिलेखों के रख-रखाव की विस्तृत जानकारी ली। निर्देश दिया कि आवेदकों को नकल जारी करने में किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी न होने पाए। इस दौरान अपर आयुक्त राकेश चंद्र शर्मा, डीएम डॉ. उज्जवल कुमार, एडीएम सुरेश कुमार सोनी, नगर मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्त रहे।
जल जीवन मिशन की समीक्षा में तेजी लाने के निर्देश - कलेक्ट्रेट सभागार में जल जीवन मिशन की समीक्षा जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने की। परियोजनाओं को तेजी से पूरे करने पर जोर दिया। कार्यदायी संस्थाओं की लापरवाही पर नाराजगी जताई, कहा कि श्रमिकों को बढ़ाकर कार्य पूरा कराएं। कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ समयबद्ध करने के निर्देश दिए।
कार्यों की प्रतिदिन रिपोर्ट देने का कहा। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी एम. अरून्मोली, प्रभागीय वनाधिकारी पंकज कुमार, जिला विकास अधिकारी दिनकर विद्यार्थी, बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह, डीपीआरओ लालजी दूबे व एक्सईएन जल निगम गणेश प्रसाद रहे।