गोंडा। जनपद एवं सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार प्रथम ने शनिवार को कोतवाली करनैलगंज क्षेत्र में गैर इरादतन हत्या के प्रयास की घटना में दो आरोपी और इटियाथोक क्षेत्र में छेड़छाड़ के मामले में एक आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता बसंत कुमार शुक्ला के अनुसार, करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले हृदय नरायन मिश्रा ने 11 जून 2022 को कोतवाली में तहरीर देकर कहा कि एसडीएम करनैलगंज के आदेश पर नगर में स्थित भूमि पर तहसीलदार जब जेसीबी से अतिक्रमण हटवा रहे थे तभी मौके पर खड़े नवीन दास, उमेश कुमार शुक्ला, रतन उर्फ बृजेश कुमार शुक्ला व राकेश कुमार ने जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया।
हमले में नाक व सिर पर ईंट लगने से गंभीर चोटें आईं हैं। पुलिस ने अभियोग दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। आरोपी रतन उर्फ बृजेश कुमार शुक्ला व उमेश कुमार शुक्ला निवासी गांधी नगर के अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र की सुनवाई के दौरान अपराध की गंभीरता को देखते हुए जनपद एवं सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार प्रथम ने अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दी है।
वहीं, इटियाथोक थाना क्षेत्र के निवासी एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर देकर कहा कि 19 जून को 12 बजे की रात में दर्जीजोत करमडीह कला निवासी सूरज तिवारी उर्फ चंदन तिवारी घर में घुसकर बेटी से छेड़छाड़ की। गिरफ्तारी से बचने के लिए सूरज तिवारी उर्फ चंदन ने जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान तथ्य, परिस्थितियों व अपराध की गंभीरता को देखते हुए जनपद एवं सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार प्रथम ने अभियुक्त सूरज तिवारी उर्फ चंदन तिवारी का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। (संवाद)
दुष्कर्म के आरोपी की जमानत खारिज
गोंडा। जनपद एवं सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार प्रथम ने वजीरगंज थाना क्षेत्र में महिला को जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी अभियुक्त का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी बसंत कुमार शुक्ला ने बताया कि वजीरगंज क्षेत्र निवासी एक एक महिला ने लुटईपुरवा मझारा निवासी विजय कुमार कोरी के विरुद्ध मारपीट व जान से मारने की धमकी देकर दुष्कर्म का आरोप लगा 23 जून 2022 को अभियोग पंजीकृत कराया था। पुलिस ने विवेचना के दौरान आरोपी अभियुक्त गिरफ्तार कर लिया। आरोपी विजय कुमार कोरी के जमानत प्रार्थनापत्र की सुनवाई के दौरान पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य व अपराध की गंभीरता को देखते हुए जनपद न्यायाधीश ने विजय कुमार कोरी का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दी।