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Gonda News: करनैलगंज तहसील क्षेत्र के तीन निकायों में घमासान

Thu, 27 Apr 2023 11:43 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। निकाय सामान्य निर्वाचन में करनैलगंज तहसील के तीनों निकायों में सियासी खेल की धूम मची है। करनैलगंज नगर पालिका परिषद को भाजपा ने प्रतिष्ठा से जोड़ रखा है और स्थानीय विधायक पूरी ताकत से जुट गए हैं। यहां पर सपा के परंपरागत वोटों के बिखराव पर नजर टिकी है। कटरा बाजार में भाजपा की उलझन राजनीतिक दांवपेच से बढ़ी है, लेकिन परिसीमन में विस्तारित नए गावों के मतदाताओं के रुख से चुनाव को रफ्तार मिल रही है। परसपुर में भाजपा और सपा के लिए निर्दलीय दावेदार चुनौती बने हैं। मतदाताओं ने सियासी पारा गरम होने से चुप्पी साध ली है।
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तीनों निकायों में परसपुर में भाजपा की चेयरमैन विमला सिंह थीं। इस बार उनके पति वासुदेव सिंह पार्टी प्रत्याशी हैं। ऐसे में उन्हें पांच साल के कार्यकाल की कसौटी पर खरा उतरना है। स्थानीय विधायक की सक्रियता के परिणाम से नए संकेत मिलेंगे। करनैलगंज में सपा की चेयरमैन रजिया खातून थीं, वही इस बार मैदान में हैं। ऐसे में उन्हें कड़ी चुनौती से जूझना पड़ रहा है। कटराबाजार में भी सपा के ही चेयरमैन मुजीबुल हसन सुबराती थे, इस बार वह अपनी बेटी शमा परवीन के लिए पसीना बहा रहे हैं। भाजपा परसपुर को बरकरार रखने के साथ ही करनैलगंज और कटरा बाजार में भी दखल बढ़ाने की तैयारी में है। वहीं सपा दोनों सीटों को बनाए रखने के साथ ही परसपुर में काबिज होकर भाजपा को झटका देने का तानाबाना बुन रही है। इससे तीनों निकायों में घमासान मचा है। कांग्रेस, बसपा और आजाद उम्मीदवार भी चाल बनाते दिख रहे हैं।





भाजपा व सपा में संघर्ष, निर्दल भी जुटे
करनैलगंज नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए कुल 13 प्रत्याशी मैदान में हैं। भाजपा से पूर्व चेयरमैन रामजीलाल मोदनवाल की पत्नी रामलली मोदनवाल के लिए पार्टी नेता पूरी ताकत से जुटे हैं। सपा नेताओं को जोड़कर भाजपा विधायक अजय सिंह माहौल बना रहे हैं। वहीं पूर्व चेयरमैन शमीम अच्छन की पत्नी निवर्तमान चेयरमैन रजिया खातून सपा से मजबूती से जुटी हैं। यहां आम आदमी पार्टी की मंशा के साथ ही सपा से टिकट न मिलने पर बदरूनिशां बतौर आजाद उम्मीदवार मैदान में हैं। निर्दलीयों में इशरत जहां, गुड़िया, तस्कीन, बीनू, मोनी, रुकैया, रेहाना बेगम, संतोष कुमारी व सूर्य कुमारी भी पूरे तेवर से जुटे हैं। यहां पर भाजपा की निगाहें सपा के परंपरागत वोटों में बिखराव पर टिकीं हैं। साथ ही पार्टी के नेेताओं को साधने की रणनीति भी कामयाब रही है, लेकिन बेचैनी मतदाताओं के दांव पर है। नगर में ऐन वक्त पर मतदाताओं की ध्रुवीकरण मुश्किलें बढ़ा सकता है। फिलहाल यहां पर भाजपा और सपा में संघर्ष है। भाजपा विधायक के साथ ही सपा के पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह की भी प्रतिष्ठा इस चुनाव से जुड़ गई है। इसके अलावा पूर्व चेयरमैन अपने विकास कार्य और स्वभाव के सहारे मतदाताओं में पैठ बनाने में जुटे हैं।
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मतदाता खामोश, नए समीकरणों पर टिकी नजर
परसपुर नगर पंचायत चुनाव में पार्टियों के साथ ही स्थानीय नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। भाजपा से वासुदेव सिंह प्रत्याशी हैं। इनकी पत्नी विमला सिंह चेयरमैन रहीं है। भाजपा विधायक अजय सिंह का पैतृक निवास परसपुर क्षेत्र में है। ऐसे में पूरी ताकत से भाजपा प्रत्याशी को आगे निकालने का जिम्मा उनके कंधों पर अधिक है। इसके साथ ही नाराज लोगों में साल 2017 में अध्यक्षी के चुनाव में दूसरे स्थान पर रहीं बेबी सिंह के पुत्र प्रशांत सिंह, राजा टोला के पुराने भाजपा नेता कुंवर विजय बहादुर सिंह ‘बच्चा साहब’ और आटा के प्रधान रणधीर सिंह भी भाजपा प्रत्याशी के साथ कदमताल कर रहे हैं। यहां पर सपा से अजय प्रताप सिंह प्रत्याशी हैं। कांग्रेस से अवधेश कुमार तिवारी, बसपा से मायावती हैं। निर्दल रामदेव पांडेय (पूर्व प्रधान) ने भी ताल ठोंक रखी है। वे भाजपा के लिए मुसीबत बनते दिख रहे हैं। अंदरखाने से भी कुछ लोग रामदेव पांडेय की मदद में जुटे हैं। इससे यहां की लड़ाई रोचक बनती जा रही है। इसी तर्ज पर सपा के लिए निर्दल उम्मीदवारों मुस्तकीम फारूखी और साहिला बेगम ने संकट खड़ा कर रखा है। वहीं निर्दलीय मुन्ना, राजेश प्रताप सिंह, राम बहाल, रीतू सिंह भी जुटे हैं। यहां के सियासी पारे को गरमाता देखकर मतदाताओं ने चुप्पी साध ली है, बनते नए समीकरणों पर नजर टिकी है। बीते सालों में कस्बे की कुछ घटनाओं की यादें ताजा कर लोग बड़े फैसले की ओर बढ़ते दिख रहे हैं।


निर्दलीय दावेदार गढ़ रहे हैं नए समीकरण
जिले की सबसे पुरानी नगर पंचायत कटराबाजार अब चुनाव में राजनीतिक घमासान का केंद्र बन गई है। 2017 के आरक्षण में पिछड़ी महिला सीट पर चुनाव हुआ था और शाहजहां बानो यहां से विजयी हुई थीं। मगर इस बार आरक्षण में हुए बदलाव को लेकर प्रत्याशी के पसीने छूट रहे हैं। विस्तार के बाद वार्ड बढ़ने से नए चेहरे सामने आए हैं। यहां निर्दलीय दावेदार नित नए समीकरण गढ़ रहे हैं। नगर सहित बढ़ाए गए वार्ड में चर्चा है कि इस बार नगर पंचायत की सियासत में बड़ा बदलाव होने वाला है। सरकारी योजनाओं का लाभ गांव पंचायत स्तर पहुंचाने के लिए भाजपा प्रत्याशी अर्जुन प्रसाद तिवारी ने बीड़ा उठा रखा है। सपा से मौजूदा अध्यक्ष भी पिछले दस वर्ष के कार्यकाल में किए गए नगरीय विकास के मुद्दे पर इस बार अपनी बेटी शमा परवीन के लिए वोटों की झोली फैलाएं हैं। चुनाव में भाजपा विधायक बावन सिंह के भाई विजय प्रताप उर्फ तिरपन सिंह ने निर्दलीय नामांकन कर लोगों को चौंका तो दिया है, लेकिन उनको अपने भाई का साथ मिलना मुश्किल भरा लग रहा है। स्थानीय विधायक पूरी शिद्दत के साथ भाजपा प्रत्याशी अर्जुन प्रसाद तिवारी के लिए जनसंपर्क कर रहे हैं। चरेरा के प्रधान रहे राजेश पांडेय की तेजी भाजपा को बेचैन कर रही है। इसके साथ ही बसपा से हृदयराम के साथ निर्दलीय अर्जुन प्रसाद, असलम, कमलेश, कुसुम, जियाउल हक, जुबेर अहमद, निसार अहमद अंसारी, प्रद्युम्मन कुमार, बृजेश कुमार, बृजेश, राजेश कुमार, राम गोपाल, शकुंतला, सरिता की भूमिका भी चुनाव में अहम मानी जा रही है।
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