सीएम की प्राथमिकता में शामिल शिकायतों के त्वरित निस्तारण में भी जिले के अफसर उदासीन बने हैं। इस संबंध में आला अफसरों के दिशा निर्देश भी बस रस्म अदायगी भर बने हैं। इसके चलते ही एक ही मामले में अलग-अलग जांच रिपोर्ट लगाकर मामले को सुलझाने की जगह उलझाया जा रहा है। मंगलवार को 24वीं बार डीएम कार्यालय पर अपनी शिकायत लेकर पहुंचे कौड़िया बाजार के बेलवाभान बाबागंज मोहल्ला निवासी दीनानाथ गुप्ता इसकी एक बानगी मात्र हैं।
पीड़ित ने बताया कि उसकी पैतृक जमीन कब्जा पर क्षेत्र के एक दबंग के इशारे पर अवैध कब्जे की तमाम कोशिश की जा चुकी है। उसके रसूख के चलते ही वह अपना मकान तक नहीं बना पा रहा है। थाने पर शिकायत करने पर उल्टा उसके खिलाफ ही कार्रवाई की बात कह कर चुप रहने को कहा जाता है। बताया कि वह अब तक कई बार थाना व संपूर्ण समाधान दिवसों में अधिकारियों के समक्ष अपनी पीड़ा बया कर चुका है। नौ बार तो पुलिस अधीक्षक व छह बार डीएम कार्यालय व एक बार मंडलायुक्त कार्यालय में शिकायत की गई। इसके बावजूद भी उसकी परेशानी दूर करने को कही से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसी कारण अपनी जमीन होने के बावजूद वह मकान न बना पाने के कारण परिवार सहित खुले आसमान के नीचे जीवन यापन को विवश है। ठेला लगाने वाले दीनानाथ ने बताया कि इस भागदौड़ के कारण ठेला न लगा पाने से वह परिवार का भरण पोषण भी नहीं कर पा रहा है। बताया कि मंगलवार को पुन: डीएम से शिकायत करने के लिए पहुंचने पर मौजूद एडीएम ने उससे पहले थाने जाकर एफआईआर दर्ज कराने की बात कही। यह बताने पर कि थाने पर उसकी शिकायत की कोई सुनवाई नहीं हो रही तो एडीएम ने कार्रवाई के भरोसा दिलाते हुए उससे एक सप्ताह बाद आने को कहा।