गोंडा। गांधी पार्क में आयोजित अमर उजाला ''गांव-महोत्सव'' का समापन सत्र में रविवार को मंच देशभक्ति के रंग से सराबोर हो गया। परसपुर से आए जादूगर मिस्टर इंडिया रियाज खान ने खाली डिब्बे से नोटों की बरसात की। पूरे दिन विभिन्न क्षेत्र में विशेष योगदान देने वालों को सम्मानित करने का सिलसिला चलता रहा।
शनिवार को तीन दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्र और जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्र ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अवधी कवि शिवपूजन शुक्ल व एसआई मनोज सिंह की रचनाओं ने मंच को देशभक्ति के रंग से सराबोर कर दिया।
गांधी पार्क में महोत्सव के वरिष्ठ अधिवक्ता केके मिश्र, एलबीएस पीजी कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव उमेश शाह, कारोबारी विमल शाह, बाबा बरखंडीनाथ मंदिर के महंत सुनील पुरी, गोरखनाथ मंदिर के महंत गनेशदास, कुटी कचनापुर के महंत बाल्मीकि, जिला पंचायत सदस्य विवेक सिंह, समाजसेवी शैलेंद्रकांत सिंह, शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार शुक्ल, माशिसं जिलाध्यक्ष अजीत सिंह व मंत्री राधामोहन पांडेय, प्राशिसं जिलाध्यक्ष विनय तिवारी, डॉयट प्राचार्य अतुल तिवारी, उद्यमी सुनील शुक्ल, राज्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष इंद्रपाल तिवारी, भाजपा नेत्री रिचा पांडेय व बिट्टू तिवारी, अधिवक्ता राजाबाबू गुप्ता, डॉ. रेखा शर्मा, डॉ. स्मृति शिशिर समेत जिलेभर के नामचीनों की मौजूदगी रही।
धर्म, साहित्य और स्वतंत्रता आंदोलन का उद्गम है गोनार्द की धरा : मंडलायुक्त
कमिश्नर योगेश्वरराम मिश्र ने गोंडा में सेवा देने को अपना सौभाग्य बताया। कहा कि गोनार्द की धरा धर्म, साहित्य और स्वतंत्रता आंदोलनों का उद्गम स्थल है। यहां के महाराजा देवी बख्स सिंह ने एक दशक तक अंग्रेजों को इस क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने दिया। अमर उजाला सामाजिक सरोकारों में बढ़-चढ़कर सहभागी बनता है। गांव के विकास से ही देश की उन्नति का रास्ता निकलता है।
प्रतिभाओं को सम्मानित करना सराहनीय पहल : घनश्याम
जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्र ने कहा कि अमर उजाला गांव महोत्सव के माध्यम से गांव से जुड़े किसान, प्रधान, उद्यमी अन्य प्रतिभाओं को सम्मानित करना सराहनीय पहल है। देश की बड़ी आबादी गांवों में निवास करती है। अमर उजाला सामाजिक सरोकारों में बढ़ चढ़कर भाग लेता है। इसीलिए निष्पक्षता का दूसरा नाम अमर उजाला है। यहां सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, प्रभावशाली हो या गरीब सबकी बातों को जन-जन तक पहुंचाया जाता है।
रमेश के अभिनय और वकील की बांसुरी को सबने सराहा
प्रसिद्ध अवधी कॉमेडियन रमेश दूबे ''रमेशवा'' ने खांटी देसज अभिनय के साथ अपनी स्वरचित रचनाओं से लोगों का मन मोह लिया। वहीं पीएससी के कांस्टेबल वकील ने के बांसुरी के सुंदर धुन निकाली। उन्होंने विदाई के समय महिलाओं के रोने का हास्य मंचन किया। विवाह गीत, मांगलिक गाली गीत के साथ गांव के संस्कृति का मनमोहक मंचन किया। भजन गायिका सोनिया मौर्य सहित कई ग्रामीण कलाकारों व नन्हें-मुन्ने बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
इनको मिला सम्मान
गांव महोत्सव में अपने क्षेत्र में विशेष योगदान देने वालों को स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान सोनिका मौर्या, आशीष गिरी, राजेश मिश्र, राजू यादव, शिवपूजन गोस्वामी, दीपक तिवारी, प्रधान कृष्ण कुमार चतुर्वेदी, सालिकराम, परवेज अहमद, विवेक शुक्ल, अनिल पांडेय, मदनमोहन पांडेय, अफसर अली, राकेश कुमार वर्मा, राजन पांडेय, राजन तिवारी, दिनेश पांडेय आदि का सम्मान किया गया। ईएमओ डॉ. तारिक खान, डॉ. आनंद, रामकुमार शुक्ल, शिक्षक नेता उमाशंकर सिंह व बलवंत सिंह, कृषक शिवश्याम मिश्र, रामबाबू मौर्य, दिनेश तिवारी, मनोज दुबे, रामभारत पांडेय, पुतान मिश्र, शिवशरण शुक्ल, विमल प्रजापति, राजन तिवारी, नंदकिशोर, याकूब सिद्दीकी, शिवपूजन गोस्वामी, शक्ति त्रिपाठी, शेफाली पांडेय को विभिन्न क्षेत्रों में मोमेंटो दिया गया।