गोंडा। सुबह-शाम सर्दी व दोपहर में गर्मी की वजह से मौसम जनित बीमारियां तेजी से पांव पसार रही हैं। गांवों मेें लगभग हर घर में कोई न कोई सर्दी, जुुकाम या वायरल से पीड़ित है। जिला अस्पताल की ओपीडी में ही 1500 से अधिक मरीज पर्चा पहुंच रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण पर्चा व दवा काउंटर पर घंटों लाइन लगानी पड़ रही है। निजी अस्पतालों व क्लीनिकों पर भी बड़ी संख्या में लोग इलाज करा रहे हैं।
जिला अस्पताल के डॉ. कुलदीप पांडेय बताया कि इस मौसम में एलर्जिक ब्रांकाइटिस का खतरा बढ़ गया है। इसमें मरीज को पहले बुखार होता है। फिर खांसी और सांस की परेशानी होने लगती है। फेफड़े की नली में सूजन आ जाती है, जो मरीज की सेहत के लिए खतरनाक है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आफताब आलम ने कहा कि बदलते मौसम में बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। इस मौसम में वायरल इन्फेक्शन का खतरा अधिक होता है। बच्चों में वायरल फीवर, निमोनिया, सर्दी, खांसी, जुकाम आदि की शिकायत होती है। बच्चों को पंखे के नीचे न सुलाएं, ऊनी कपड़े पहनाकर रखें, ठंडा पानी न पिलाएं, ताजा और गर्म खाना खिलाएं, दिक्कत होने पर तुरंत डाॅक्टर की सलाह लें।