गोंडा। शासन की मंशा के अनुरूप जिले में मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पाने पर जिलाधिकारी ने सीएमओ को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने सीएमओ को स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हुआ तो अगली बैठक तक उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई तय है। वहीं, आशाओं का भुगतान न होने पर उन्होंने जिला लेखा प्रबंधक व लेखाधिकारी का वेतन रोक दिया।
कलेक्ट्रेट में सोमवार को जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई। डीएम डॉ. उज्ज्वल कुमार ने संक्रामक रोगों से बचाव के इंतजाम व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा की।
डेंगू से बचाव को लेकर बरती गई लापरवाही को लेकर कड़ी चेतावनी दी। डीएम ने सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा को निर्देश दिया कि जिले के सभी सीएचसी व पीएचसी अधीक्षकों के साथ हर रोज ऑनलाइन मीटिंग कर स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखें। सीएचसी अधीक्षकों को भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की हिदायत दी। कहा कि अधिकांश स्वास्थ्य कार्यक्रमों की धीमी प्रगति को महीने भर के भीतर सुधार कर रिपोर्ट पेश करें।
वहीं, आशाओं का कई महीनों से मानदेय व प्रोत्साहन भत्ता का भुगतान न होने पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने वित्त लेखा अधिकारी कामेश्वर प्रसाद एवं जिला लेखा प्रबंधक संदीप मल्होत्रा का वेतन रोकने का आदेश दिया।
बैठक में सीडीओ गौरव कुमार, एसीएमओ डॉ. एपी सिंह, डॉ. आदित्य वर्मा, जिला अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. इंदुबाला, सीएमएस डॉ. सुषमा सिंह, जिला आपूर्ति अधिकारी कृष्ण गोपाल पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार, डीपीएम अमरनाथ आदि मौजूद रहे।