गोंडा। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे और करीब तीन घंटे रहे। पुलिस लाइन से विकास भवन पहुंचे, मंडलीय व जिले के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बलरामपुर, बहराइच व श्रावस्ती जिले के अधिकारियों से वीडियो कॉन्फेंसिंग से जुड़े रहे। मंडल की कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्य से मुख्यमंत्री खुश नजर आए। इसके साथ ही 50 करोड़ से ऊपर की दस सड़कों में छह के कार्य पूरे मिले। इस दौरान उन्होंने बाइपास के साथ ही सरयू पुल और घारी घाट पुल बनाने ऐलान किया है।
उन्होंने अन्य चारों अधूरे कार्य समय से पूरे करने के निर्देश दिए। विकास को रफ्तार देने के लिए गोंडा-लखनऊ राजमार्ग से बाईपास के साथ करनैलगंज में दोनों रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण का प्रस्ताव मांगा। कहा कि सभी प्रमुख कार्यों को स्वीकृति देने में देर नहीं होगी।
बैठक में सीएम ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा से शुरुआत की। मंडल में पुलिस की कार्रवाई को सराहा। कहा कि अपराधियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई हो। विकास कार्य की समीक्षा में सबसे पहले सड़कों का हाल जाना। अधिकारियों ने बताया कि शासन से नए स्वीकृत कार्य शुरू किए गए हैं, अन्य कार्य पूरे हो चुके हैं। अधूरी बड़ी परियोजनाओं को जल्द पूरा किया जाएगा। राजकीय विश्वविद्यालय स्थापना की जानकारी ली। जिले के डोमाकल्पी में जमीन तय होने व निर्माण की प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही निर्माण शुरू होगा। उन्होंने अधिकारियों को जनशिकायतों का निस्तारण प्रभावी ढंग से करने और परियोजनाओं को समय से गुणवत्तापूर्ण पूरा कराने का निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष धनश्याम मिश्र, विधान परिषद सदस्य अवधेश कुमार सिंह ‘मंजू’, विधायक बावन सिंह, प्रेम नरायन पांडेय, प्रभात वर्मा, विनय द्विवेदी, प्रतीक भूषण सिंह व अजय सिंह, एडीजी जोन अखिल कुमार, मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल, डीआईजी एपी सिंह, डीएम डॉ. उज्जवल कुमार, एसपी आकाश तोमर, अपर आयुक्त राकेश चंद्र शर्मा, जेडीसी प्रदीप यादव, डीडीएसटी विनोद सिंह, सीडीओ एम. अरुन्मोली, एडीएम सुरेश सोनी, नगर मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्ता समेत मंडल व जिले के अधिकारी मौजूद रहे।
विकास के साथ रोजगार का इंतजाम कर रही है सरकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार विकास के साथ ही रोजगार की व्यवस्था कर रही है। एक तरफ जहां प्रदेश के हर जिले को रिंगरोड़ से जोड़ा जा रहा है, वहीं इन्वेस्टर्स समिट से औद्योगिक विकास का रेकॉर्ड बन रहा है। बड़े स्तर पर स्थाई रोजगार से अवसर बढ़ेंगे।
समीक्षा बैठक के बाद वह मीडिया से मुखातिब थे, उन्होंने इन्वेस्टर्स समिट में जनप्रतिनिधियों की भूमिका को भी सराहा।
देवीपाटन मंडल के विकास की प्राथमिकता को दोहराते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा हो रहा है। राजकीय विश्वविद्यालय के भवन का निर्माण जल्द पूरा होगा। विकास के अन्य प्रस्तावित कार्य भी शीघ्र जमीन पर उतरेंगे। मंडल मुख्यालय पर पत्रकार भवन के निर्माण का भी ऐलान किया। कहा कि इसके लिए जल्द ही बजट जारी किया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों की मांग को भी दी हरी झंडी
सीएम के दौरे पर जिले के विधायकों ने कई मांगे की। सीएम ने विभागों को निर्देश दिए की मांगों का प्रस्ताव भेजें। उन्होंने कहा कि सभी को स्वीकृति मिलेगी। इसमें गौरा विधायक प्रभात वर्मा ने बताया कि बाईपास (रिंगरोड) के साथ ही 13 किमी लंबे रेनुआ- दौलतपुर मार्ग, वन टांगिया गावों में सड़क निर्माण, छपिया बखरौली मार्ग, घारीघाट पुल, करनैलगंज के सरयू पुल, जहांगिरवा, कटरा शाहबाजपुर रेलवे ओवरब्रिज, स्वामी नरायण छपिया मंदिर में विद्युत उपकेंद्र समेत एक दर्जन अन्य प्रस्ताव शामिल हैं। सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने रिंगरोड़ के साथ ही शहर को सेफ सिटी मॉडल के रूप में सुनियोजित विकास करने की मांग किया। बारिश में जलभराव की समस्या से निजात मिल सके। मुख्यमंत्री ने सेफ सिटी मॉडल पर प्रस्ताव मांगा है।
विकास पर रहा पूरा जोर, पहली बार रुख भी दिखा नरम
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सख्त तेवर और चेतावनी भरे अंदाज से इस बार अलग दिखे। विकास और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर पेश हुए रिपोर्ट से इस कदर खुश हुए कि किसी की बात को टाले ही नहीं। अक्सर सीएम के दौरे पर सकते में रहने वाले जनप्रतिनिधि भी आत्मविश्वास से लबरेज दिखे। एक विधायक ने कहा कि जिसने विकास के मामले में जो भी मांग किया, उसे मान ही लिए।
नवरात्र शुरू होने के एक दिन पहले जिले में आए सीएम के नरम रुख से अफसरों के चेहरे चमक उठे। सीएम के अचानक दौरा तय होने से देररात तक तैयारी में जुटे अधिकारियों को समीक्षा में शाबाशी मिली तो थकान महसूस नहीं हुई।
मौसम ने दिया झटका, सड़क मार्ग से जाना पड़ा तुलसीपुर
- मुख्यमंत्री ने समीक्षा और निरीक्षण के बाद बलरामपुर होते हुए मां पाटेश्वरी मंदिर (देवीपाटन) तुलसीपुर जाने को तैयार हुए तो मौसम खराब हो गया। बादलों से छाए आसमान से बारिश की बूंदे भी टपकने लगीं। ऐसे में हेलीकाप्टर का उड़ान संभव नहीं था। ऐसे में तय हुआ कि मुख्यमंत्री तुलसीपुर सड़क मार्ग से जाएंगे। इसके