गोंडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस के सामने बन रहे राजकीय मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिए। कहा कि 20 जून तक हर हाल में मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा कर हैंडओवर किया जाए। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने सीएम को कदम-दर-कदम जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान एडीजी, कमिश्नर, डीआईजी, डीएम, एसपी समेत सभी प्रमुख अफसर मौजूद रहे। समीक्षा बैठक समाप्त होते ही सीडीओ एम. अरुन्मोली मेडिकल कॉलेज रवाना हो गईं और निरीक्षण का मोर्चा संभाला। वहां पहले से उपस्थित प्राचार्य और निर्माण प्रमुख ने सीएम का स्वागत किया। करीब 40 मिनट देरी से निरीक्षण स्थल पर सीएम पहुंचे। मंडलीय समीक्षा बैठक के दौरान वीडियो कान्फ्रेंसिंग में प्रमुख तथ्यों पर अधिकारियों से सवाल किए। इस दौरान निर्माण कार्य के प्रगति की जानकारी देने वाले इंजीनियर्स बाहर ही रह गए। एक इंजीनियर व दो सुपरवाइजरों को मुख्यमंत्री की सुरक्षा घेरे में लगे एनएसजी जवानों ने बाहर रोक लिया। बाद में सीएम के पूछने पर उन्हें सामने हाजिर किया गया। तब सिविल कार्य में जुटे अभियंता और पर्यवेक्षकों ने निर्माण संबंधी जानकारी दी।
सीएम ने प्राचार्य और डीएम को तीन शिफ्ट में तेजी से काम कराने का निर्देश दिया। फिर बोले कि किसी भी सूरत में 20 जून की तारीख से आगे न बढ़ने पाए और निर्माण को अतिशीघ्र पूरा कर लें। नए सत्र में मेडिकल की पढ़ाई सुचारू रूप से चालू की जा सके।
सीएम के निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा देरी से पहुंचीं। प्राचार्य ने जानकारी दी कि सत्र 2023-24 एमबीबीएस की 100 सीटों पर कक्षाएं शुरू करने की पूरी तैयारी है। सात मई को नीट की परीक्षा होगी। परिणाम आने के बाद काउंसलिंग के आधार पर प्रवेश शुरू कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई शुरू होने के बाद डॉक्टरों की कमी दूर हो सकेगी। छात्रों की मदद से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेगी। असिस्टेंट प्रोफेसर सहित अन्य पदों पर नियुक्ति की जाएगी।
शीघ्र पूरी हो जाएगी नियुक्ति प्रक्रिया
778 नियमित व 669 आउटसोर्सिंग के पदों पर जल्द नियुक्ति होगी। मेडिकल कॉलेज में नियमित तौर पर 112 पद प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर व फिजिस्ट आदि के तय हुए हैं। वहीं, 446 पद सीनियर रेजीडेंट, जूनियर रेजीडेंट व मेडिकल ऑफिसर और 110 पद चीफ फार्मासिस्ट, डेंटल टेक्नीशियन व फार्मासिस्ट के भरे जाएंगे। 110 पद गैर तकनीकी संवर्ग के तय हैं।
मेडिकल कॉलेज में 778 नियमित पद सृजित किए गए हैं। जूनियर इंजीनियर व वेटनरी ऑफिसर के चार पद प्रतिनियुक्ति से भरे जाएंगे। वहीं आउटसोर्सिंग में डिप्टी लाइब्रेरियन, मेडिकल सोशल वर्कर, काउंसलर, कंप्यूटर ऑपरेटर व डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद शामिल हैं।