गोंडा। बच्चों की सुरक्षा के लिए सरकार की टीका योजना पर संदेह ऐसा रहा कि दस साल से एक समुदाय विशेष के लोगों ने अभियान से किनारा किए रखा। स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्यकर्मियों का प्रयास भी काम न कर सका। जानकारी होने पर सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने गांवों में डेरा डाल दिया, तीन दिनों तक घर-घर पहुंचकर परिजनों का विश्वास जीता। इसका परिणाम यह रहा कि तीसरे दिन 130 बच्चों का टीकाकरण हो गया। उधर, सीएमओ की यह पहल सुर्खियां बटोर रहीं हैं।
स्वास्थ्य विभाग पांच साल तक के बच्चों को 12 गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए टीका लगा रहा है। खरगूपुर के तकिया गांव के लोगों ने 10 सालों में कभी अपने बच्चे को टीका नहीं लगवाया। विशेष समुदाय बाहुल्य वाले गांव के लोगों में टीका को लेकर भ्रांतियां घर कर चुकी थी। जब इसकी जानकारी सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा को हुई तो वह स्वास्थ्य टीम, संभ्रांत लोगों व धर्मगुरुओं को साथ लेकर गांव में पहुंची। घर-घर जाकर महिलाओं को टीकाकरण के फायदे बताए। तब जाकर लोगों ने अपने बच्चेंको टीका लगवाया।
बच्चे को दुलारा, मां को समझाया तो पिता ने कहा लगा दो टीका
तकिया गांव में पहुंची सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने यूं ही नहीं लोगों का विश्वास जीतकर दस साल बाद बच्चों को सुरक्षा चक्र दिलवा पाने की कामयाबी हासिल की है। सबसे पहले उन्होंने घर की महिलाओं से मुलाकात कर बात की, उनके बच्चे को गोद में उठाकर पुचकारा। फिर परिवार के मुखिया को बुलाकर टीका लगवाने का प्रस्ताव रखा। पहले नकार दिया, लेकिन क्षेत्र के ही टीका लगवाने वाले कामयाब लोगों का उदाहरण देने पर लोगों की भ्रांति टूटी।
डीएम व एडी ने सराहा
जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने सीएमओ की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यदि अधिकारी लोगों के बीच जाकर अपनापन दिखाएं तो विश्वास जीता जा सकता है। अपर निदेशक डॉ. अनिल मिश्र ने कहा कि सीएमओ डॉ.रश्मि वर्मा, सीएचसी अधीक्षक डॉ. श्वेता त्रिपाठी, डब्ल्यूएचओ के शेषनाथ, पंकज तिवारी सहित सभी स्वास्थ्यकर्मियों का विशेष योगदान रहा।
इन बीमारियों से बचाता है टीका
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि नियमित टीकाकरण 12 प्रकार की बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है। टीबी, पोलियो, हेपेटाइटिस बी, डिप्थीरिया, टिटनेस, मिजिल्स, काली खांसी, रूबेला, जेई (दिमागी बुखार), निमोनिया, वायरल डायरिया और हीमोफिलस इंफ्लूएंजा से बचाने में टीकों की भूमिका अहम है।