गोंडा। जिला अस्पताल के ब्लडबैंक में सोमवार की रात नशे में धुत एक लैब टेक्नीशियन ने सीबीसी मशीन को घूंसा मारकर तोड़ दिया। जिससे रक्तदान बाधित हो गया। बता दें कि रक्तदान करने से पहले रक्तदाताओं के खून में हीमोग्लोबिन की जांच की जाती है।
ब्लड बैंक में करीब तीन लाख रुपये कीमत की डिजिटल सीबीसी मशीन लगाई गई है। जिससे हीमोग्लोबिन सहित अन्य जांचें भी होती थी। नशे में धुत लैब टेक्नीशियन का वीडियो सीसीटीवी में रिकार्ड हो गया। इधर, मशीन टूटने से रात में रक्तदान कार्य बाधित हो गया। मंगलवार की सुबह सीबीसी मशीन टूटने की जानकारी मिलने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था कर हीमोग्लोबिन की जांच शुरू की गई।
ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. चेतन पाराशर ने बताया कि सीबीसी मशीन का अविष्कार न होने के पहले साहली विधि से ही खून में हीमोग्लोबिन की जांच किया जाता था। इस विधि में साहली ट्यूब (कांच की टेस्ट ट्यूब) में हाइड्रोक्लोरिक एसिड के साथ बीस एमएल खून डालकर मिलाया जाता है।
सीबीसी मशीन टूटने के बाद साहली विधि से खून की जांच की जा रही है। इंजीनियर से बात हुई है, दो-तीन दिनों में मशीन बन जाएगी। मशीन टूटने के कारण की जांच की जा रही है। संबंधित एलटी का फोन ऑफ है। नाइट ड्यूटी पर आएगा तो कारण स्पष्ट हो जाएगा।
डॉ. चेतन पाराशर, ब्लड बैंक प्रभारी
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