करनैलगंज के पाल्हापुर में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री प्रदान करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
गोंडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 45 दिन पहले गोंडा के ऐली-परसौली आए थे। इस बार पाल्हापुर में उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों में 45 दिन और सक्रियता बरतने का मंत्र दिया। डेढ़ माह में सरयू के पानी में बहुत उतार-चढ़ाव दिखा। खतरे के निशान से कई बार ऊपर पहुंची सरयू ने ग्रामीणों में खौफ भी पैदा किया। मगर सरकार के राहत इंतजामात के आगे पानी की चाल भी हल्की हो गई।
जुलाई की 15 तारीख को गोंडा के बाढ़ प्रभावित ऐली-परसौली का निरीक्षण करने आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों और अन्य जिम्मेदारों से बाढ़ की रोकथाम के उपाय पूछे थे। उस वक्त सरयू उफान पर थी, इस बार शांत और ढलान के संदेश से सीएम के चेहरे पर संतोष के भाव दिखाई दे रहे थे। मुख्यमंत्री का हेलीकाॅप्टर पाल्हापुर में बने अस्थाई हैलीपैड पर शाम चार बजकर नौ मिनट पर उतरा। उनके साथ विशेष सचिव ईशान प्रताप सिंह भी रहे। यहां से मुख्यमंत्री सीधे राहत सामग्री बांटने पहुंचे। उन्होंने ऐली परसौली के सौ ग्रामीणों को राहत किट बांटी।
फिर मंचासीन भाजपा जनप्रतिनिधियों और अफसरों के बीच सुखद संदेश देने की कोशिश की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में मेडिकल व नौकाओं की व्यवस्था की गई है। मंत्री व प्रभारी मंत्री द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया जा रहा है। उन्होंने सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि अगले डेढ़ महीने तक सबको सतर्क रहना होगा, ताकि हम लोग बाढ़ से होने वाली हानि को कम कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा- सभी अधिकारी बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत किट लेकर पहुंचें। जिन इलाकों में बाढ़ आई है वहां का जायजा लें।
पाल्हापुर आने से पहले मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से साथ मंच पर भाजपा विधायक रमापति शास्त्री, अजय सिंह, प्रेमनरायन पांडेय, बावन सिंह, प्रभात वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्र, जिलाध्यक्ष अमर किशोर कश्यप, आयुक्त योगेश्वर राम मिश्र, डीआईजी अमरेन्द्र प्रसाद सिंह, डीएम नेहा शर्मा, एसपी अंकित मित्तल, सीडीओ एम. अरुन्मोली समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे।