गोंडा। सरकारी योजनाओं की जानकारी अब शहर से लेकर गांव के उद्यमियों को सहजता से मिल सकेगी। इससे वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने का प्रयास कर सकेंगे। शासन की ओर से इसके लिए जिले के उद्यमियों को ई-पोर्टल पर पंजीकृत कराने का अभियान शुरू होगा।
शहर के साथ ही जिले के कस्बों और गांवों में चल रहे व्यवसाय का पंजीकरण होगा। शासन ने जिले में 15 हजार उद्यमियों के पंजीकरण का लक्ष्य दिया है। शहर के व्यवसायियों को तो आसानी से नई योजनाओं की जानकारी मिल जाती है, लेकिन कस्बों और ग्रामीणों के व्यवसायियों को जानकारी नहीं मिल पाती है। उन्हें मुद्रा लोन समेत अन्य योजनाओं की जानकारी नहीं हो पाते हैं। अब ऐसे व्यवसायियों को पंजीकृत करके उन्हें एक यूनिक नंबर दिया जाएगा। इससे उन्हें मुद्रा लोन हासिल करने में सहूलियत मिलेगी। इसके अलावा बीच-बीच में उद्यमियों के हितों को देखते हुए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी उनके पास आसानी से पहुंच सकेगी।
जिले के एक हजार जनसेवा केंद्रों पर हो सकेगा पंजीकरण
जिले में वैसे तो पंचायत सहायकों, कोटेदारों को भी जनसेवा केंद्र संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन उनके पास या तो कार्य अधिक है या फिर वे दूसरे कार्य कर रहे हैं। कई कोटेदार सक्रिय भी नहीं है। इसके अलावा एक हजार अन्य जनसेवा केंद्र संचालित हैं। उद्यमियों का इन केंद्रों पर पंजीकरण आसानी से हो सकेगा।
सरकारी योजनाओं से जुड़ेंगे व्यापारी
उद्यमियों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसमें उद्योग विभाग की देखरेख में जनसेवा केंद्रों पर पंजीकरण होना है। इससे उद्यमियों की पहचान हो सकेगी और उन्हें योजनाओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
- अमित गुप्त, ई-डिस्ट्रिक मैनेजर