मौजूदा समय में गोंडा रोडवेज बस स्टेशन से 98 बसें अलग-अलग रूटों पर संचालित की जा रहीं हैं। लगभग दो एकड़ में वर्कशाप समेत कार्यालय व प्रतीक्षालय का इंतजाम किया है। ऐसे में यहां आने वाले यात्रियों को बैठने समेत आवागमन में परेशानी हो रही है। इसे लेकर गत 26 जुलाई 2023 को रोडवेज की ओर से नगर पालिका परिषद अधिशाषी अधिकारी के माध्यम से शहर के आसपास 10 एकड़ जमीन की मांग की गई थी। इसके साथ ही यात्रियों की सुविधाओं को लेकर अत्याधुनिक बस स्टेशन बनाने के दावे किए हैं। राजस्व विभाग के अधिकारियों का दावा है कि बालपुर जाट में रोडवेज को ढाई एकड़ जमीन मुहैया कराई गई थी। मगर रोडवेज की ओर से जमीन पर्याप्त न होने को लेकर प्रस्ताव को ठुकरा दिया गया है। आलम यह है कि रोडवेज के आसपास रोजाना बसों के दबाव के चलते जाम की स्थिति रहती है। वहीं रोडवेज का प्रस्ताव अधर में चला गया है। रोडवेज कर्मियों का कहना है कि डीएम ने मिलकर मंडलस्तरीय बस अड्डे के लिए पर्याप्त जमीन मांग की गई है। ऐसे मेें जल्द ही रोडवेज को पर्याप्त जमीन मिलने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
पुलिस अधीक्षक के जाम में फंसने के बाद नगर कोतवाली पुलिस ने सक्रियता दिखाई थी। क साथ ही 19 नामजद व 35 अज्ञात चालक व परिचालक समेत कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। इसे लेकर रोडवेज कर्मी आंदोलनरत हैं। लगातार चक्काजाम समेत अन्य उपायों से मुकदमा वापसी की मांग कर रहे हैं। वहीं पुलिस के आलाधिकारी भी उन्हें मुकदमे की वापसी के लिए हरसंभव भरोसा दे रहे हैं।
विभागीय कर्मचारियों के मुताबिक, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, अयोध्या, बाराबंकी, लखनऊ के अलावा प्रयागराज और कानपुर समेत दिल्ली तक रोडवेज से यात्री सफर करते हैं। रोजाना करीब 10 से 12 हजार यात्री रोडवेज का सहारा लेते हैं। मगर यात्रियों के हिसाब से मौजूदा बस स्टेशन पर गाड़ियां खड़ी करने तक की जगह नहीं है।
एसडीएम सदर सुशील कुमार यादव ने बताया कि रोडवेज की ओर से 10 एकड़ जमीन के लिए पत्र मिला है। रोडवेज की मांग के अनुसार शहर के आसपास जमीन तलाश की गई है। मगर एक साथ 10 एकड़ नहीं मिल पाया है। रोडवेज की ओर से उच्चाधिकारियों से अनुरोध किया गया है। जिसके आधार पर शहर से दूर उपलब्धता के आधार पर जमीन दी जाएगी।