गोंडा। लखनऊ-बहराइच हाईवे के रिठौढ़ा मोड़ पर मंगलवार की दोपहर परिवहन निगम के चेकिंग टीम की गलती का खामियाजा दोनोंं बसों के चालकों के संग ही दो दर्जन यात्रियों को भी भुगतना पड़ा। इस हादसें में दोनों बसों के चालक, परिचालक व यात्री घायल हो गए थे। ब्लैक स्पॉट की जानकारी होने के बाद परिवहन निगम की टीम वहां चेकिंग कर रही थी। परिवहन अधिकारी लोकेशन तलाशने में जुटे हैं कि जिस समय हादसा हुआ। उस समय वहां कौन सी टीम चेकिंग कर रही थी। हालांकि, तय नहीं हो सका है कि टीम गोंडा की थी या लखनऊ मुख्यालय की।
फिलहाल टीम की जानकारी मिलने के बाद इसमें कार्रवाई तय मानी जा रही है। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक अंकुर विकास ने बताया कि मुस्तफाबाद बस हादसे के दौरान कौन सी टीम वहां चेकिंग कर रही थी। इसकी जानकारी नहीं है। गोंडा की तीन टीमों के साथ लखनऊ मुख्यालय की टीमे भी चेकिंग करती है। चेकिंग टीम का लोकेशन मांगा गया है।
लखनऊ बहराइच हाईवे के रिठौढा मोड़ के पास मंगलवार को परिवहन निगम की टीम चेकिंग कर रही थी। चेकिंग टीम से बचने के लिए गोंडा एवं बलरामपुर डिपो की बसें तेजी से निकल रही थी। जिससे दोनों बसों में आमने सामने भिड़ंत हो गई थी। प्रभारी निरीक्षक थाना जरवल रोड राजेश कुमार सिंह ने बताया कि जिस समय परिवहन विभाग की टीम मोड़ पर चेकिंग कर रही थी। उस समय थाने के दो सिपाही अवधेश वर्मा व तेज प्रताप उधर से गुजर रहे थे। सिपाहियों ने परिवहन टीम को खतरनाक मोड़ पर चेकिंंग करते देखा तो मना किया। मगर टीम के लोग नहीं माने हादसे के बाद टीम वहां से भाग निकली।