गोंडा। जिले के लोगों की बजट कई उम्मीदें अधूरी रह गईं। नवाबगंज में चीनी मिल के संचालन की सौगात पूरी नहीं हो सकी। शहर में जल निकासी के प्रबंध के लिए सीवर लाइन परियोजना नहीं मिली। इसके लिए साल 2012 से ही 300 करोड़ की योजना प्रस्तावित है। खरगूपुर को नया ब्लाॅक औरच नवाबगंज तहसील के गठन का भी ऐलान नहीं हो सका।
जिले में दो ओवर ब्रिज के निर्माण, मनकापुर में सौ बेड के अस्पताल, मनकापुर में रोडवेज डिपो, कैथी घाट पर पक्का पुल के निर्माण की स्वीकृति का इंतजार पूरा न हो सका। इसके अलावा घारीघाट में अतिथि गृह व अग्निशमन केंद्र, कूक नगर में राजकीय डिग्री कॉलेज, बभनान में बाईपास निर्माण, बिसुही नदी पर घारीघाट पर पुल निर्माण के साथ ही पसका संगम मेला को राजकीय मेला घोषित करने, त्रिमुहानी सरयू नदी दो सायफन (रेगुलेटर) लगवाने, गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली राजापुर, सूकरखेत को पर्यटन स्थली घोषित करने, करनैलगंज से लखनऊ मार्ग पर दो रेलवे ओबरब्रिज, मनरेगा के नियमों में बदलाव, झालीधाम का पर्यटन विकास के लिए बजट से कुछ नहीं मिल सका।