गोंडा। भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक पारंपरिक रक्षाबंधन पर्व सोमवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। श्रावण मास के अंतिम दिवस पूर्णिमा तिथि को शुभ मुहूर्त में बहनें परंपरा के अनुसार अपने भाइयों के मस्तक पर रोली चंदन लगाकर आरती उतारेंगी। रक्षा का संकल्प दिलाने के लिए भाई की कलाई में रक्षासूत्र बांधकर उनके दीर्घायु व सुखद जीवन की मंगलकामना कर मुंह मीठा कराएंगी। भाई अपनी बहनों को उपहार देंगे।
ज्योतिष विद्वान आचार्य अनूप पाठक ने बताया कि पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि रविवार को मध्यरात्रि के बाद 02:21 बजे से शुरू हो जाएगी, जो सोमवार रात 12:28 बजे तक रहेगी। इस दिन पाताल लोक की भद्रा सूर्योदय से दोपहर 01:30 बजे तक रहेगी। इस वजह से भद्रा काल में रक्षाबंधन पर्व नहीं मनाया जाएगा। भद्रा समाप्त होने के बाद दोपहर 01:32 बजे से शाम 06:25 बजे तक रक्षाबंधन पर्व मनाना श्रेष्ठ और शुभ फलदायक होगा।