गोंडा। मामूली विवाद में कुल्हाड़ी से वार कर भाई की गैर इरादतन हत्या के तीन साल पुराने मामले में साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने आरोपी को दोषमुक्त कर दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार छपिया के ग्राम महरागौरा निवासी सुजीत कुमार ने थाने में प्रार्थनापत्र देकर कहा कि 23 अप्रैल 2021 को रात्रि पौने 11 बजे उसके चाचा हरिपाल नशा करके घर आए और उसके पिता रामकृपाल से विवाद करने लगे। मारपीट के दौरान हरिपाल ने पास पड़ी कुल्हाड़ी के बेंट से रामकृपाल पर वार कर दिया। दोनों घायलों को सीएचसी छपिया ले जाया गया तो डाक्टरों ने पिता रामकृपाल को मृत घोषित कर दिया और चाचा को गोंडा रेफर कर दिया। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और गैरइरादतन हत्या के सुबूत मिलने पर आरोपी हरिपाल के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया, लेकिन ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष अपराध का साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत नहीं कर सका।
अदालत में बयान के दौरान मृतक व आरोपी के पिता भिखारी ने जिरह में मारपीट का प्रत्यक्षदर्शी साक्षी होने से इंकार कर दिया। साक्ष्य के अभाव में शनिवार को विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) राजबहादुर रामदेव यादव ने आरोपी अभियुक्त हरिपाल को दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने जेल में निरुद्ध हरिपाल को रिहा करने के लिए रिहाई आदेश अविलंब जिला कारागार भेजने का आदेश दिया है। (संवाद)