गाेंडा। रिश्वतखोरी के आरोप में पकड़े गए सीएचसी तरबगंज के ब्लॉक लेखा प्रबंधक (बीएएम) रामप्रकाश मौर्य को एंटी करप्शन की ट्रैप टीम ने शनिवार को गोरखपुर की भ्रष्टाचार निवारण अदालत में पेश किया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। ट्रैप टीम अब फरार हुए स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी (एचईओ) की तलाश में दबिश दे रही है।
एंटी करप्शन थाने के प्रभारी निरीक्षक धनंजय सिंह की टीम ने तरबगंज के खजुरी गांव में तैनात आशा सरोज सिंह की शिकायत पर सीएचसी तरबगंज में तैनात ब्लॉक लेखा प्रबंधक (बीएएम) रामप्रकाश मौर्य निवासी ग्राम सीबार थाना रौनाही अयोध्या को 5000 रुपये घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा था। बीएएम ने ड्यूटी लगाने के लिए आशा से घूस मांगी थी। कड़ाई से पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी (एचईओ) नरेंद्र प्रताप सिंह भी रिश्वतखोरी में संलिप्त है।
प्रभारी निरीक्षक ने ब्लॉक लेखा प्रबंधक रामप्रकाश मौर्य व स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी नरेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराया था। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि बीएएम को शनिवार को गोरखपुर की भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट पेश किया गया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। फरार एचईओ की तलाश में दबिश दी जा रही है।