गोंडा के तरबगंज में समिति के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के साथ विधायक। -संवाद
गोंडा। साधन सहकारी समितियों के चुनाव में एक बार फिर भाजपा ने एकतरफा जीत दर्ज की है। जिले की 128 समितियों में से 122 पर भाजपा समर्थित सभापति विजयी हुए। छह समितियों पर सपा के प्रत्याशी ने जीत दर्ज की।
सहकारी समितियों पर हमेशा से दमदारी से दावेदारी ठोकने वाली समाजवादी पार्टी इस बार सहकारिता चुनावों में खानापूर्ति तक ही सीमित रही। 100 से अधिक समितियों पर सपा ने दावेदारी ही नहीं की। इससे सत्तारूढ़ दल को वॉकओवर मिल गया। हालांकि, कुछ सपा कार्यकर्ता विघ्न बाधा पार करके अपना अध्यक्ष बनाने में कामयाब हुए।
मनकापुर विकासखंड की साधन सहकारी समिति मछमरवा में सपा नेता विक्की मिश्र की पत्नी अनीता मिश्रा निर्विरोध अध्यक्ष बनीं। सपा नेता का आरोप है कि उनके डेलीगेट्स को सत्तापक्ष द्वारा प्रभावित करने का पूरा प्रयास किया गया मगर कार्यकर्ताओं ने उसे विफल कर दिया। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के पहले से उन पर चुनाव न लड़ने का दबाव बनाया जा रहा था।
साधन सहकारी समिति सिंहपुर से अवधेश शुक्ल प्रधान भी विजयी घोषित किये गये। समर्थकों ने सोमवार को उनका स्वागत किया। सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष आनंद स्वरूप यादव ने बताया कि सपा कार्यकर्ताओं ने बहुत ही करीने से चुनाव लड़ा है।
कटरा विकासखंड के जमथरा प्रथम में सभापति चुनाव सबसे दिलचस्प रहा। यहां भाजपा के दो दिग्गज नेताओं ने साधन सहकारी समिति के अध्यक्ष पद के लिए प्रतिष्ठा दांव पर लगा रखी थी। भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी की मानें तो जमथरा में क्षेत्रीय विधायक व स्थानीय ब्लाॅक प्रमुख प्रतिनिधि ने अपने-अपने समर्थकों ने लिए जोर आजमाइश की।
विधायक बावन सिंह की ओर से सांवली प्रसाद तिवारी को अध्यक्ष बनाने के लिए तैयार किया गया, वहीं दूसरी ओर स्थानीय ब्लाॅक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ल ने ओमप्रकाश तिवारी का समर्थन किया। विधायक गुट के सांवली प्रसाद डेलीगेट का चुनाव जीतने में असमर्थ रहे। जिस पर ब्लाॅक प्रमुख गुट ने निर्विरोध बाजी मार ली।