गोंडा। हर ग्राम पंचायत में बायो डायवर्सिटी पार्क स्थापित किए जाएं। ये निर्देश राष्ट्रीय हरित अधिकरण प्रधान न्यायपीठ के सदस्य व न्यायमूर्ति डॉ. अफरोज अहमद ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में अधिकारियों को दिए। उन्होंने सभी अफसरों को पर्यावरण बचाने एवं प्रदूषण प्रबंधन के लिए बनाई कार्ययोजनाओं को शत-प्रतिशत अमल में लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चीनी मिलों के चारों तरफ पेड़-पौधे लगवाने पर जोर दिया जाए तथा मिल से निकलने वाली अवशिष्ट राख का सुरक्षित निस्तारण कराया जाए।
न्यायमूर्ति डॉ. अफरोज अहमद ने कहा कि ठोस कचरा, प्लास्टिक कचरा, बायो मेडिकल कचरा, औद्योगिक कचरा आदि के प्रदूषण का निस्तारण बेहतर ढंग से कराएं। पर्यावरण संरक्षण सिर्फ प्रशासन ही नहीं, बल्कि सभी नागरिकों की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि समीक्षा से पता चला है कि जिला प्रशासन पर्यावरण प्रदूषण पर अंकुश को लेकर सजग है।
जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। डॉ. अफरोज ने कहा कि औद्योगीकरण आधुनिक समय की आवश्यकता है। हमें पर्यावरण और विकास को साथ लेकर चलना होगा। विकास के साथ-साथ हमें पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास करने होंगे। इसके लिए प्रदूषण प्रबंधन में टेक्नोलॉजी का उपयोग, बड़ी संख्या में पौधरोपण, प्राकृतिक नदियों, झीलों, तालाबों, भूमियों, वनों का संरक्षण करना होगा।
प्रभागीय वनाधिकारी पंकज शुक्ल को विलुप्त पौधों की नस्लों को विकसित करने तथा जिला प्रशासन की मदद से जनपद की खाली भूमियों पर पौधरोपण कराने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी स्कूल-कॉलेज, कार्यालय, हॉस्पिटल आदि में पौधारोपण किया जाए। बैठक में सीडीओ एम. अरुन्मोली, एसपी आकाश तोमर, एएसपी शिवराज, एडीएम सुरेश सोनी व सिटी मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्त मौजूद रहे।