गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग दिव्यांग बच्चों को प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था बनाई है। ऐसे में उनके बैंक खाते खुलने हैं। लेकिन बैंक खाता खुलवाने में विभाग हांफ गया है। अभिभावकों को छोड़िए विभाग के जिम्मेदारों ने प्रयास किया, इसके बाद भी खाते नहीं खुल सके हैं। बैंकों ने खाता खुलवाने गए छात्रों को वापस कर दिया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभिभावकों के संरक्षण में ही छात्रों का खाता खोला जाना है। जिसमें अभिभावकों के आधार कार्ड बैंक को लेना चाहिए। छात्रों को परेशान किया जा रहा है। विभाग के तर्कों से बैंक सहमत नहीं हैं।
जिले के करीब 150 दिव्यांग छात्राओं और अन्य दिव्यांग छात्रों को शासन से पढ़ाई करने पर प्रोत्साहन राशि दी जानी है। बैंक खाता खुलवाना अब टेढ़ी खीर हो गई है। बैंक के अधिकारी खाता खोलने की शर्त जोड़ रहे हैं, जिससे छात्रों के प्रोत्साहन राशि पर संकट बढ़ गया है। जिला समन्वयक राजेश सिंह ने बैंक खाता न खोले जाने की रिपोर्ट बीएसए को सौंपी है। प्रोत्साहन राशि के लिए तय समय में रिपोर्ट ऑनलाइन होनी है। खाता ही न खुलने से रिपोर्ट नहीं भेजी जा सकी है।
जिला समन्वयक का कहना है कि 60 छात्रों के बैंक खाता न खोले जाने की रिपोर्ट मिली है। जिसमें कई बैंक शामिल हैं। बताया कि बैंक खाता खोले जाने में दिक्कत नहीं करनी होनी चाहिए। दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने की पहल पर असर पड़ सकता है। फिलहाल प्रयास किया जा रहा है।
बैंक खाते न खोले जाने की रिपोर्ट मिली है, एलडीएम से इस सबंध में वार्ता की जा रही है। जिलाधिकारी को भी पूरे मामले की रिपोर्ट दी जाएगी। बैंक खाता खुलवाने में आ रही अड़चन दूर की जाएगी। अखिलेश प्रताप सिंह, बीएसए