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Gonda News: 5.72 एकड़ में बनेगा बैफल फायरिंग रेंज

Mon, 21 Aug 2023 11:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा का पुलिस लाइन मैदान।
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गोंडा। संगीन लगी रायफलों पर अब सिपाहियाें के हाथ सधेंगे और अचूक निशाने में माहिर होंगे। सालाें से फायरिंग का अभ्यास न होने से उनके हाथ सही ढंग से असलहों पर नहीं बैठ पाते थे। थानों के मुआयने में यह बात कई बार सामने आ चुकी है कि अत्याधुनिक हथियार साधने के सलीके में कमी है। फायरिंग का अभ्यास नियमित रूप से न होना ऐसी स्थिति का अहम कारण बताया गया है। इसके लिए अब मंडल मुख्यालय पर बैफल फायरिंग रेंज की स्थापना होगी।
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शासन के फरमान के बाद अब फायरिंग रेंज के लिए जमीन की तलाश शुरू हो गई है। 5.72 एकड़ भूमि की मांग है, जिसमें फायरिंग रेंज विकसित किया जाना है। वैसे तो तीन एकड़ में भी फायरिंग रेंज स्थापित किया जा सकता है, लेकिन पर्याप्त भूमि का प्रबंध होने से सिपाहियों को अन्य अभ्यास कराने में भी आसानी होगी।
फायरिंग रेंज पर करीब तीन करोड़ का बजट खर्च होना है। जमीन मिलने के बाद बजट तय होगा। मुख्य राजस्व अधिकारी महेश प्रकाश ने एसडीएम सदर विनोद कुमार सिंह व अधिशाषी अभियंता नगर पालिका परिषद संजय मिश्र को संयुक्त रूप से शहर से आसपास क्षेत्रों में भूमि की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। ताकि शासन को प्रस्ताव भेजा जा सके।
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दो दशक पहले छावनी सरकार का फायरिंग रेंज बंद
आजादी के पूर्व अंग्रेजों ने जिला कारागार के पीछे छावनी सरकार में फायरिंग रेंज तय कर रखा था। आजादी के बाद जिले की पुलिस भी 90 दशक तक उसका उपयोग करती रही। चांदमारी के नाम से मशहूर यह क्षेत्र अब आबादी से घिर गया है। यहां पर बिजली पावर हाउस की स्थापना भी हो गई है और फायरिंग रेंज से 33 हजार की लाइनें गुजरने लगीं है। इसके बाद यहां फायरिंग रेंज 20 साल पहले बंद कर दिया गया। इसके बाद से फायरिंग का अभ्यास भी बंद हो गया। .

पुलिस लाइन में टियर गन से ही हो पता है अभ्यास
जिले में पहले की अपेक्षा सिपाहियों की संख्या में इजाफा हुआ है, अत्याधुनिक हथियारों से भी वे लैस किए गए हैं। सिपाहियों की वैसे तो हर शुक्रवार की सुबह परेड होती है और कई अवसरों पर अभ्यास भी कराया जाता है। जिसमें दंगा नियंत्रण अभ्यास पुलिस लाइन में होता है। अभ्यास के दौरान टियर गन, आंसू गैस व अन्य गतिविधियों तक ही सीमित रखा जाता है। अब फायरिंग रेंज होने से सहूलियत मिलेगी और पुलिस बल भी सशक्त बनेगा।
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