गौराचौकी (गोंडा)। खोड़ारे थाना क्षेत्र में कोई पत्थरदिल एक नवजात को गन्ने के खेत में लावारिस बिलखता छोड़ गया।
खेत की तरफ गई एक महिला को नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी तो वह वहां पहुंची और उसे सीने से लगा लिया। पुलिस भी मौके पर गई और चाइल्ड लाइन के अफसरों को जानकारी देकर नवजात को महिला के सुपुर्द कर दिया।
मां की ममता पर सवाल खड़ा करने वाली यह घटना खोड़ारे थाना क्षेत्र के बैजपुर गांव की है। इस गांव की रहने वाली आसमा खातून ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे खेत के तरफ गई थी।
इस बीच उसने गन्ने के एक खेत में किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनी। वह आवाज की दिशा में आगे बढ़ी तो देखा कि खेत में नवजात पड़ा रो रहा था। वह एक हल्के से कपड़े में लिपटा हुआ था।
आसमा ने बताया कि कड़ाके की ठंड में नवजात को खेत में पड़ा देख वह सिहर उठी। उसने बच्चे को उठाकर अपने कलेजे से लगा लिया। वह बच्चे को लेकर घर आ गई।
गन्ने के खेत में नवजात बालक के मिलने की सूचना पर उसके घर पर भीड़ जुट गई। इसकी सूचना खोड़ारे थाने पर दी गई तो पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिला से जानकारी लेने के बाद इसकी सूचना चाइल्ड लाइन के अधिकारियों को दी और उनसे सहमति लेकर बच्चे को आसमा के सुपुर्द कर दिया।