देहात कोतवाली के माधवपुर गजाधरपुरवा में विवाद के दौरान फेंके गए ईंट-पत्थर। - संवाद
गोंडा। देहात कोतवाली क्षेत्र के माधवपुर गजाधर पुरवा में पंचायत भवन की भूमि को लेकर दो पक्षों में विवाद चल रहा है। मामले में एसडीएम कोर्ट में वाद विचाराधीन है। रविवार को एसडीएम तरबगंज ने मौके पर जांच की और दोनों पक्षों को कोर्ट में तलब किया। मगर एसडीएम के जाते ही दोनों पक्षों के लोग भिड़ गए। दोनों तरफ से जमकर पथराव हुआ। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर फायरिंग का आरोप लगाया है। बवाल की सूचना पर कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अभी किसी तरफ से एफआईआर नहीं दर्ज कराई गई है।
ग्राम प्रधान आनंद प्रकाश ओझा ने बताया कि गांव में ही पंचायत भवन के लिए 2021 में भूमि सुरक्षित की गई थी। पंचायत भवन की भूमि पर हकदारी जताते हुए गांव के ही दयाशंकर ओझा निर्माण करा रहे थे। आनंद प्रकाश का आरोप है कि रविवार को वह उधर से निकल रहे थे तभी दयाशंकर ओझा ने साथियों के साथ उन पर हमला कर दिया। ईंट-पत्थर चलाए और फायरिंग भी की।
दूसरे पक्ष के दयाशंकर ओझा का कहना है कि जिस भूमि को पंचायत भवन के लिए आरक्षित बताया जा रहा है, उस भूमि का उन्होंने द्वारिका नाथ से बैनामा लिया था। उसी भूमि पर रविवार को निर्माण करा रहे थे। गांव के कुछ लोगों ने एसडीएम से शिकायत की थी कि भूमि पर जबरन निर्माण कराया जा रहा है। इसके बाद तरबगंज के एसडीएम विशाल कुमार और सीओ विनय कुमार मौके पर पहुंचे थे। बैनामा के कागजात दिखाए गए। आरोप है कि एसडीएम के जाते ही ग्राम प्रधान आनंद प्रकाश ओझा ने समर्थकों के साथ धावा बोलकर मारपीट शुरू कर दी। पथराव और फायरिंग की। हालांकि फायरिंग में कोई घायल नहीं हुआ।
कोतवाल देहात डीके श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी। फायरिंग का आरोप गलत है। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है। एसडीएम विशाल कुमार ने बताया कि पंचायत भवन की भूमि पर निर्माण की सूचना मिली थी। मौके पर जाकर जांच करने के साथ ही दोनों पक्षों को यथास्थिति बनाए रखने की हिदायत दी थी। 21 अगस्त को दोनों पक्षों को न्यायालय में सुनवाई के लिए तलब किया गया है। दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी। फायरिंग की आरोप निराधार है।