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Gonda News: बैनामा घोटाले का मास्टर माइंड गिरफ्तार

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गोंडा के नगर कोतवाली में पुलिस गिरफ्त में जालसाजी का आरोपी। -संवाद - फोटो : GONDA
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गोंडा। उप निबंधक कार्यालय के अभिलेखों में हेराफेरी कर जमीन का फर्जी बैनामा कराने का फरार आरोपी लखनऊ में पुलिस के हत्थे चढ़ा। गोंडा से आई टीम ने लखनऊ पुलिस की मदद से बैनामा घोटाले के मुख्य सरगना बृजेश अवस्थी को बीते गुरुवार की देर शाम गोमती नगर से गिरफ्तार किया है। आरोपी बीते आठ साल से जमीन की खरीद फरोख्त में फर्जीवाड़ा कर रहा था। उसके खिलाफ अब तक 30 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा भी की है।
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साल 2016 से शहर व आसपास के गांवों में सरकारी स्वामित्व की कीमती जमीनों का फर्जी बैनामा किए जाने का खेल चल रहा था। इस फर्जीवाड़े में फरार शहर निवासी बृजेश अवस्थी मुख्य आरोपी था। एसपी आकाश तोमर ने बताया कि घोटाले के सरगना की गिरफ्तारी के बाद उससे होने वाली पूछताछ के बाद जल्द ही इस घोटाले से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी में भी पुलिस टीमों को सक्रिय किया गया है। बताया कि उप निबंधक कार्यालय में भूमि के बैनामों में हो रहे फर्जीवाड़ के खुलासा होने के बाद से अब तक गड़बड़ी से जुड़े 60 बैनामे सामने आ चुके हैं। इनमें से 30 मुकदमों में बृजेश अवस्थी मुख्य आरोपी है। अब तक हुई पुलिस जांच में इस गैंग से जुड़े 19 लोगों के नाम सामने आ चुके हैं।
एसपी ने बताया कि एसओजी व नगर पुलिस को इस घोटाले के फरार मुख्य सरगना के लखनऊ में होने की जानकारी मिली थी। पकड़े गए आरोपी बृजेश से पुलिस द्वारा अब तक की गई पूछताछ में इस खेल से जुड़े कई अन्य के बारे अहम जानकारी मिली है। इसके आधार पर ही इस मामले में और लोगों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें जुटाई गई हैं।
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निबंधन के कई अफसरों पर गिर चुकी गाज
फर्जीवाड़े से बैनामा कर जमीन हथियाने के मामले में अब तक उप निबंधक कार्यालय से जुड़े कई अफसरों पर गाज गिर चुकी है। निबंधन विभाग के उप महानिरीक्षक अरुण कुमार मिश्र, मनोज कुमार श्रीवास्तव के साथ ही तात्कालिक उपनिबंधक सदर सुधा यादव, पूर्व में नियुक्त रहे मुखराम सिंह के साथ ही दो कर्मचारी अरविंद और ननकू भी अब तक इस मामले में निलंबित किए जा चुके हैं। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच भी अलग से चल रही है।
एसआईटी कर रही मामले की जांच
फर्जी बैनामा के सहारे सरकारी जमीन हड़पने से जुड़े इस खेल की जांच क्राइम ब्रांच के साथ ही राज्य स्तरीय एसआईटी भी कर रही है। बीते दिनों ही एसआईटी के एसपी देवरंजन वर्मा की अगुवाई में एक टीम ने शहर में डेरा डाल कर उपनिबंधक कार्यालय में मौजूद कई अभिलेखों व दस्तावेजों की जांच के साथ ही तैनात अफसरों व कर्मचारियों से भी पूछताछ की थी।
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