गोंडा। स्वामी नारायण मंदिर और मां वाराही देवी के नाम से जिले में जल्द ही दो नए विद्युत उपकेंद्र स्थापित होंगे। इसके लिए छपिया में स्वामी नारायण मंदिर के पास नरैचा और मां वाराही देवी मंदिर के पास मुकुंदपुर में जमीन चिह्नित की गई है। दोनों विद्युत उपकेंद्रों को सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद धन आवंटन के लिए शासन को लागत प्रस्ताव भेजा गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही प्रस्ताव पर मुहर लग जाएगी। इसके बाद दोनों विद्युत उपकेंद्रों के आसपास करीब 10 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को सहूलियत मिल सकेगी।
बेलसर और परसपुर से मां वाराही मंदिर समेत तरबगंज के सोनौली मुहम्मदपुर, फेहरा, ऐली-परसौली, बरौली और मुकुंदपुर समेत दो दर्जन गांवों में विद्युत आपूर्ति की जा रही है। लंबी दूरी के चलते लो वोल्टेज समेत ट्रांसफार्मर फुंकने और बार-बार लाइन ट्रिपिंग की समस्या रहती है। जिसके चलते आए दिन विद्युत आपूर्ति में दुश्वारियां हो रही हैं।
विभागीय जानकारों के मुताबिक, मां वाराही मंदिर के आसपास दर्जनों गांवों सहित बेलसर विद्युत उपकेंद्र से करीब 21 हजार उपभोक्ताओं के अलावा परसपुर से 28 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को आपूर्ति की जा रही है। जिसके चलते पिछले कई वर्षों से मां वाराही नाम से नए विद्युत उपकेंद्र बनाने की मांग की जा रही थी। इसे पावर कॉर्पोरेशन ने वर्ष 2018-19 के प्लान में शामिल किया था। अधिकारियों ने बताया कि दोनों नए उपकेंद्र बनाने की मंजूरी मिल गई है। साथ ही वित्तीय स्वीकृति के लिए करीब पांच करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही प्रस्ताव पर फाइनल मुहर लग जाएगी।
अधिशाषी अधिकारी राहुल बरनवाल ने बताया कि नए विद्युत उपकेंद्र के लिए 3900 स्क्वायर फिट जमीन चिह्नित की गई है। अभी तक यहां आसपास के दर्जनों गांवों की आपूर्ति मसकनवा से की जा रही है। करीब छह किमी दूरी के चलते विद्युत आपूर्ति में आए दिन समस्याएं रहती है। उन्होंने बताया कि फिलहाल मसकनवा विद्युत उपकेंद्र से करीब 20 हजार उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति की जा रही है। ओवरलोड कम करने के लिए नया उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव है।
अधीक्षण अभियंता रामनरेश सरोज ने बताया कि उत्तरी भवानी मां वाराही देवी और स्वामी नारायण छपिया में करीब पांच-पांच करोड़ रुपये की लागत से दो नए विद्युत उपकेंद्र बनेंगे। जिसकी मंजूरी मिल गई है। इससे 10 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ताओं की सीधे पर तौर सहूलियत मिलेगी।