गोंडा। मकोइया गांव की रहने वाली एक एएनएम और उसके पति के बीच मंगलवार रात विवाद हो गया। इस पर दोनों ने आत्महत्या कर ली। एएनएम का शव कमरे में फर्श पर पड़ा मिला, जबकि उसके पति का शव कमरे में ही छत के हुक से बंधे फंदे पर लटका मिला।
कमरे से सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें दोनों ने आत्महत्या करने की बात लिखी है। पुलिस ने सुसाइड नोट कब्जे में लेकर दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं। इंस्पेक्टर का कहना है कि मामले में छानबीन की जा रही है।
खोड़ारे थाना क्षेत्र के मकोइया गांव निवासी चंद्रभान सिंह (82) ने बताया कि उनका पौत्र संजीव सिंह उर्फ मंटू (42) पुत्र राजेंद्र सिंह फार्मासिस्ट था। वह घर पर रहता था। संजीव की पत्नी वंदना सिंह (38) बभनान पीएचसी में संविदा पर एएनएम थी।
चंद्रभान सिंह के मुताबिक संजीव का पत्नी वंदना से अक्सर विवाद हुआ करता था। दोनों घर की ऊपरी मंजिल पर रहते थे। मंगलवार रात खाना खाने के बाद दोनों अपने कमरे में चले गए। कुछ देर बाद दोनों में झगड़ा होने लगा।
फिर कमरे से आवाजें आनी बंद हो गईं तो चंद्रभान देखने के लिए ऊपरी मंजिल पर पहुंचे। आवाज देने पर भी जब जवाब नहीं मिला तो संदेह होने पर आस-पड़ोस के लोगों को बुलाकर कमरे का दरवाजा तुड़वाया गया। अंदर वंदना का शव फर्श पर पड़ा था, जबकि संजीव का शव छत के हुक से बंधे फंदे से लटका मिला।
वंदना के शव के पास मच्छर भगाने में काम आने वाले लिक्विड की एक खाली शीशी पड़ी थी। कमरे में एक सुसाइड नोट भी मिला। सूचना पर सीओ मनकापुर संजय तलवार व प्रभारी निरीक्षक सुरेश वर्मा मौके पर पहुंचे और परिजनों से पूरे मामले की जानकारी ली।
फोरेंसिक टीम ने कमरे के दरवाजे, छत के हुक आदि से नमूने लेने के साथ फोटोग्राफी भी की। खोड़ारे के थानाध्यक्ष सुरेश कुमार वर्मा ने बताया कि मामले में छानबीन की जा रही है।
संजीव की मौत तो फांसी लगाने से हुई मगर उसकी पत्नी वंदना की मौत को लेकर संशय है। चर्चा है कि पहले वंदना की मौत के बाद संजीव ने फांसी लगाई है। मगर ये भी संभव है कि वंदना की गला दबाकर हत्या के बाद संजीव ने फांसी लगाई हो। पुलिस का मानना है कि महिला की मौत संदिग्धावस्था में हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्थिति स्पष्ट होगी।
संजीव सिंह के कमरे से पुलिस को जो सुसाइड नोट मिला है। उसमें लिखा है- हम दोनों अपनी मर्जी से प्राण त्याग रहे हैं। सुसाइड नोट पर दोनों के हस्ताक्षर भी हैं। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी से मौत की पुष्टि होती है तो सुसाइड नोट में लिखी बात सही है। आत्महत्या की पुष्टि न होने की दशा में सुसाइड नोट की हैंड राइटिंग एक्सपर्ट से जांच कराई जाएगी।
संजीव और वंदना की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। संजीव के यश (17) व बेटी छवि (15) हैं। दोनों बाहर रहकर पढ़ाई करते हैं। दंपती की मौत से दोनों बच्चे अनाथ हो गए हैं। संजीव की मां बलरामपुर के पचपेड़वा में नौकरी करती हैं। घटना के समय संजीव के पिता इलाज कराने लखनऊ गए थे। संजीव दो भाइयों में बड़ा था। छोटे भाई पुनीत सिंह, बेटी छवि, बेटा यश, बाबा चंद्रभान सिंह समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।