नगर पालिका में गुरुवार को आयोजित बोर्ड की बैठक में सभासदों का दर्द कुछ इस तरह से फूटा कि एक-एक कर कई सभासदों ने सदन में ही इस्तीफे तक की पेशकश कर डाली। हालांकि बाद में सदन का माहौल बिगड़ता देख कुछ सभासदों ने साथियों को शांत कराया। जिसके बाद बैठक की कार्रवाई शुरू की गई। जिसमें शहर के भीतर होने वाले कामों, रुके पड़े कामों के अलावा अन्य प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। बैठक के दौरान काफी संख्या में पुलिस बल यहां तैनात रहा। गुरुवार को नगर पालिका सभागार में हुई बोर्ड की बैठक में बतौर पदेन सदस्य क्षेत्रीय विधायक राज्यमंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह भी पहुंचे थे। जिनकी मौजूदगी में प्रशासक व एडीएम त्रिलोकी सिंह ने बैठक की शुरुआत की। लेकिन सभासदों की संख्या कम होने पर बैठक की कार्रवाई कुछ देर बाद इसलिए चालू हुई ताकि कम से कम एक तिहाई सभासद तो आ ही जाएं। बैठक के दौरान पालिका की ओर से होने वाले कार्यों से नाराज सभासदों ने बतौर प्रशासक एडीएम को अपनी-अपनी समस्याएं गिनाते हुए उनका समाधान किए जाने की मांग की। वहीं सभासद सुएबुद्दीन ने वार्ड में हुए चार लाख के काम का हवाला देते हुए महीनों से लटके उसके पेमेंट की दुहाई दी। सभासद ने बैठक में कहा कि पहले जिस समय पालिका में अध्यक्ष थे, उस समय वह उनकी नहीं सुनते थे, तो अब बतौर प्रशासक एडीएम उनकी किसी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे। अगर उनकी नहीं सुनी जाती है तो वह अपना इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। वहीं ठीक इसी तरह बैठक में कई अन्य सभासदों ने भी अपना दुखड़ा रोया। हालांकि बैठक के दौरान कई प्रस्तावों पर भी सभासदों की मौजूदगी में चर्चा की गई। इससे पहले बैठक में पहुंचे बतौर पदेन सदस्य राज्यमंत्री विनोद कुमार सिंह को जब बोर्ड की बैठक में सभासदों का संख्या बल कम मिला तो उन्होंने फोन से कई सभासदों को बोर्ड बैठक में आने के लिए कहा। मंत्री के बुलावे पर आने के बाद बैठक की कार्रवाई शुरू हो पाई। इस दौरान काफी संख्या में पुलिस बल भी पालिका परिसर में तैनात रही। जिसकी अगुवाई सीओ अखंड प्रताप सिंह ने की।