गोंडा। परसपुर नगर पंचायत के राजा टोला साईं तकिया के रहने वाले इंडेन गैस एजेंसी के डिलीवरी बॉय ने रविवार देर रात अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। परिजनों का आरोप है कि एक उपभोक्ता ने खाली सिलिंडर देने की शिकायत कर दी थी, इस पर गैस एजेंसी प्रबंधक ने उसे पीटने की धमकी दी थी। बाद में जांच होने पर खाली सिलिंडर देने की शिकायत गलत पाई गई थी। परिजनों का आरोप है कि झूठी शिकायत और पिटाई की धमकी से आहत होकर उसने जान दी है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
राजा टोला साईं तकिया निवासी दयालु बारी ने बताया कि उनका बेटा आनंद बारी (24) परसपुर में इंडेन गैस एजेंसी में डिलीवरी बॉय था। रविवार को सिलिंडर की डिलिवरी करने के बाद घर लौटा और पत्नी पूनम को अपने कमरे से भगा दिया। इस पर वह सास सुमन के कमरे में सोने चली गई। देर रात आनंद ने कमरे में छत के हुक में दुपट्टे से फंदा बांधकर फांसी लगा ली।
सोमवार सुबह जब देर तक वह सोकर नहीं उठा तो कमरे का दरवाजा खटखटाया गया। कोई जवाब नहीं मिला तो कमरे की दीवार की एक ईंट निकालकर अंदर देखने पर आनंद फंदे पर लटका दिखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव फंदे से उतारा। दयालु के मुताबिक उनका बेटा चार दिन पहले सिलिंडर की डिलिवरी करने गलिबहा गांव के एक व्यापारी के घर गया था। जहां उसने दो सिलिंडर पहुंचाए थे। मगर उपभोक्ता ने गैस एजेंसी पर शिकायत दर्ज कराई कि उसे एक ही रिफिल मिली है। जबकि दूसरा सिलिंडर खाली आया है। इसको लेकर गैस एजेंसी प्रबंधक ने आनंद को पीटने की धमकी दी थी। बाद में गैस एजेंसी के प्रबंधक ने उपभोक्ता के घर जाकर जांच की तो दोनों सिलिंडर भरे मिले। उपभोक्ता ने अपनी गलती भी स्वीकार कर ली थी। दयालु बारी का आरोप है कि आनंद चोरी के आरोप से आहत था। इसी वजह से उसने खुदकुशी कर ली।
थानाध्यक्ष दिनेश सिंह ने बताया कि गैस एजेंसी संचालक पर परिजनों ने आरोप लगाया है। मगर पत्नी से भी आनंद का विवाद होने की जानकारी मिली है। आनंद का मोबाइल फोन खंगाला जा रहा है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई होगी। उधर गैस एजेंसी के प्रबंधक प्रवीण सिंह का कहना है कि आनंद ने गलिबहा गांव के एक व्यापारी के घर में दो सिलिंडर पहुंचाए थे। व्यापारी ने एक सिलिंडर खाली मिलने की शिकायत दर्ज कराई थी। मगर मौके पर जांच के दौरान दोनों सिलिंडर भरे पाए गए थे। मामला निपट गया था। आनंद ने रविवार को काम भी किया था। पिटाई की धमकी का आरोप निराधार है।
दयालु ने बताया कि उनके तीन बेटों में आनंद सबसे बड़ा था। मंझला बेटा मनोज लखनऊ में रहकर नौकरी करता है। जबकि छोटा बेटा अभी पढ़ाई कर रहा है। आनंद की चार साल पहले पूनम से शादी हुई थी। बताया कि आनंद ने दो दिन से खाना नहीं खाया था। झूठे आरोप से वह मानसिक तनाव में था।