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आरोप : नवजात बेटा न देखने दिया तो आहत पिता ने दी जान

Mon, 16 Oct 2023 10:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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रामजनक। फाइल फोटो
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गोंडा। नवाबगंज थानाक्षेत्र के साखीपुर गांव निवासी रामजनक का शव शनिवार को पेड़ से शर्ट के फंदे के सहारे लटकता मिला। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल संचालक ने पैसे जमा करने से पहले उसे बेटे को दिखाने से इनकार कर दिया। इससे आहत पिता ने गांव पहुंचकर जान दे दी। पत्नी ने निजी अस्पताल संचालक को पति की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए थाने में तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिली है, जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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रामजनक ने पत्नी पूजा को प्रसव पीड़ा होने पर 10 अक्तूबर की रात नवाबगंज के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उसने एक बेटे को जन्म दिया। मगर बच्चे की हालत ठीक न होने पर देर रात उसे अयोध्या के श्री चाइल्ड केयर सेंटर के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। जबकि पूजा का भी इलाज चल रहा था। उसे 12 अक्तूबर को डिस्चार्ज कर दिया गया। रामजनक की मां माया, पत्नी पूजा व बहन संजू, मंजू का आरोप है कि श्री चाइल्ड केयर सेंटर अयोध्या का 18 हजार रुपये का बिल बना था। मगर रामजनक पैसों का इंतजाम नहीं कर पा रहा था। आरोप है कि जब वह बच्चे को देखने गया तो अस्पताल संचालक ने रुपये जमा करने से पहले बच्चे को दिखाने से मना कर दिया। इससे आहत होकर ही उसने जान दी। सूचना पर डॉग स्क्वायड, फोरेंसिक टीम के संग ही चौकी प्रभारी ढेमवाघाट साहब कुमार, कोतवाल मौके पर पहुंचे और परिवार वालों से जानकारी ली। कोतवाल मनोज कुमार राय ने बताया कि आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है।

श्री चाइल्ड केयर सेंटर अयोध्या के प्रबंधक विनोद पांडेय का कहना है कि बच्चे को भर्ती कराने के बाद उसके पिता रामजनक दोबारा वापस ही नहीं आए। उनके परिवार से बच्चे के बड़े पिता व रिश्तेदार आए थे, उन्हें बच्चा दिखाया गया था। परिवार वाले पैसा जमा करने से पहले बच्चे को न दिखाए जाने का जो आरोप लगा रहे हैं, वह निराधार है। अस्पताल में सीसीटीवी कैमरा भी लगा है, जरूरत पड़ने पर साक्ष्य भी प्रस्तुत कर सकते हैं। बच्चे के इलाज की जो राशि है, वही मांगी गई है।
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