गोंडा। छपिया के पुलिस सहायता केंद्र भोपतपुर में यू-ट्यूबर से हुए विवाद मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस सहायता केंद्र के बगल में कार्यालय होने के कारण ही नहीं, अपना रौब कायम करने के लिए पुलिसकर्मी यू-ट्यूबरों का साथ लेते थे। वहीं, क्षेत्र में कई बड़े खेल होते थे। मगर आपस में दरार पड़ी तो ट्वीट पर शिकायतें शुरू हो गईं और विवाद बढ़ गया।
पुलिस ने भले ही आरोपों से बौखलाकर लंबे आरोपों में यू-ट्यूबरों पर एफआईआर दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया मगर घटना से खाकी की खूब किरकिरी हुई है।
भोपतपुर के पुलिस सहायता केंद्र पर पुलिस की पिटाई के आरोप से मामले की क्षेत्र में खासी चर्चा है। जिले की पुलिस के इकबाल पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोग दबी जुबान से मान रहे हैं स्थानीय पुलिस और यू-ट्यूबरों का साथ में काफी उठना-बैठना था। छोटे-मोटे काम करने वालों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस इनका साथ लेती थी। विवाद के दिन पुलिस सहायता केंद्र के प्रभारी राजेश दूबे की बातचीत के वायरल ऑडियो से भी इसकी पुष्टि हो रही है और दर्ज कराई गई एफआईआर से भी संकेत मिले हैं कि दोनों में लेनदेन का खेल चल रहा था। फिलहाल एसपी ने पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू करा दी है। यदि सही ढंग से जांच हुई तो भोपतपुर पुलिस का बड़ा खेल सामने आएगा।
पुलिस की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में अवैध खनन और अवैध पेड़ कटान से मिलने वाली रकम में हिस्सा मांगे जाने की बात कही गई है। पुलिस सहायता केंद्र के प्रभारी राजेश दूबे ने तहरीर में ही माना है कि हिस्सा देने से मना करने पर मारपीट की गई। इसमें दम भी नजर आ रहा है, मगर सवाल उठ रहा है कि ऐसे ही कोई कैसे पुलिस से हिस्सा मांग सकता है। इसका मतलब है कि पहले से ऐसा चल रहा था। इसके कारण तहरीर तैयार करने में ज्यादा माथापच्ची नहीं करनी पड़ी। अब भोपतपुर पुलिस अपने ही दांव में घिरती नजर आ रही है।
यू-ट्यूबरों पर एफआईआर और उन्हें जेल भेजने में सफल होने से गदगद पुलिसकर्मियों के चेहरे का रंग कार्रवाई के बाद उतर गया है। पुलिस सहायता केंद्र के प्रभारी राजेश दूबे की पुलिस लाइंस में आमद होने के बाद वह तो बेचैन रहे ही, छपिया पुलिस के माथे पर भी सिकन बढ़ गई है। भोपतपुर पुलिस सहायता केंद्र पर जो चल रहा है, उससे छपिया थाने की पुलिस अछूती नहीं थी। यही वजह रही कि मामले में सुलह कराने के बजाए एफआईआर कराने में तेजी दिखाई गई।
अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि पुलिस सहायता केंद्र भोपतपुर मामले की जांच करके एसपी को रिपोर्ट दी गई थी। अब विभागीय जांच हो रही है। जो रिपोर्ट आएगी, उसी के अनुसार कार्रवाई होगी।