गोंडा। मिठाई व नमकीन की बिक्री के बाद ग्राहक को बिल नहीं देने वाली फर्म पर राज्य कर विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी। 200 रुपये की लागत से अधिक की मिठाई, नमकीन व गिफ्ट हैंपर देने पर बिल देना जरूरी है। इसी के साथ जारी बिलों को जीएसटी रिटर्न में आवश्यक रूप से घोषित करना है। इस बार त्योहार के समय जीएसटी अधिकारियों की मिठाई व नमकीन के कारोबार पर पैनी नजर है।
जिला मुख्यालय स्थित राज्य कर विभाग सभागार में नमकीन व मिठाई व्यापारियों की बैठक बुलाई गई। राज्य कर विभाग के संयुक्त आयुक्त अजय कुमार लाल ने कहा कि कई व्यापारी मिठाई व नमकीन का कारोबार कर रहे हैं, लेकिन नियमानुसार जीएसटी जमा नहीं कर रहे हैं। ऐसे में यदि कारोबारी को किसी तरह की परेशानी है तो वह विभाग को अवगत करा सकता है। विशेष अनुसंधान शाखा के संयुक्त आयुक्त मो. इलियास ने कहा गिफ्ट हैंपर्स में अलग-अलग टैक्स दर की वस्तुएं शामिल होती हैं। जिसके अनुसार जीएसटी रिटर्न दाखिल करना आवश्यक है। समाधान योजना अपनाने वाले व्यापारियों को कोई आईटीसी अनुमन्य नहीं है। बैठक में उपस्थित व्यापारियों ने सभी बिक्री पर बिल जारी करने का आश्वासन दिया। इस दौरान मिठाई व्यवसाई ओमी सिंधी, रोहित, मो. इरफान, मुकेश गुप्ता, मो. अतीक अहमद आदि मौजूद रहे।