गोंडा। डॉक्टरों की मनमानी व स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर जिलाधिकारी के तेवर सख्त दिखे। स्वास्थ्य सेवाओं की खराब प्रगति व कार्य में लापरवाही बरतने वाले चार सीएचसी अधीक्षकों का वेतन रोके जाने के आदेश दिए। महिला अस्पताल की सीएमएस को मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार न किए जाने पर फटकार लगाई।
शनिवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने लापरवाह डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों को फटकार लगाई। मासिक समीक्षा में सीएचसी मनकापुर, काजीदेवर, छपिया तथा परसपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति खराब पाई गई। अधीक्षकों की ओर से स्थानीय सीएचसी पर रात्रि निवास न करने की बात सामने आई। डीएम ने इन अधीक्षकों पर कार्रवाई करते हुए वेतन रोके जाने का आदेश दिया।
महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुषमा सिंह को फटकार लगाते हुए कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों की ओर से मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार न किए जाने की बार-बार शिकायत मिल रही है। यदि सुधार नहीं किया गया तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें। डीएम ने अंधता निवारण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए आंखों की जांच कराने के लिए कैम्प आयोजित किए जाने तथा जरूरतमंदों को नि:शुल्क चश्मे का वितरण करने के निर्देश दिए।
बैठक में मातृ स्वास्थ्य, बाल स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, कम्युनिटी प्रोसेस, राष्ट्रीय कार्यक्रम नान कम्युनिकेबल डिजीज, एनसीडी, नियमित टीकाकरण, कोविड टीकाकरण, जननी सुरक्षा व मातृ वंदना योजना के तहत भुगतान की स्थिति, आशा इन्सेन्टिव, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समीक्षा करने के साथ ही ओपीडी व आईपीडी की स्थिति, प्राथामिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा सीएचसी पर बेडों के स्थिति की समीक्षा की।
बैठक में सीडीओ गौरव कुमार, सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा, प्रमुख अधीक्षक डॉ. इंदुबाला, सीएमएस डॉ. सुषमा सिंह, डीसीपीएम डॉ. आरपी सिंह, सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षक व अन्य स्वास्थ्य अधिकारी रहे। संवाद