गोंडा। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट नासिर अहमद तृतीय ने अनुसूचित जाति की महिला से मारपीट, दुष्कर्म और अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम के 14 साल पुराने मामले में दो अभियुक्तों को 10-10 साल के सश्रम कारावास व आठ-आठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक एससी/एसटी एक्ट कृष्ण प्रताप सिंह ने बताया कि कटरा बाजार थाना क्षेत्र के अनुसूचित जाति के एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर देकर कहा कि 21 अगस्त 2008 को उसकी पुत्री खेत में गई थी कि गांव के रहने वाले सलीम व जानू उर्फ जान मोहम्मद अश्लील हरकत करने लगे। विरोध पर मारापीटा व तमंचा से धमका कर कहा कि किसी को बताया तो जान से मार देंगे। दूसरे दिन फिर मारापीटा। पुलिस ने सलीम व जानू उर्फ जान मोहम्मद के विरुद्ध एससी/एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विवेचना की और साक्ष्य संकलित कर दोनों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र प्रेषित किया। बाद में डीआइजी के आदेश पर हुई अग्रिम विवेचना के बाद दुष्कर्म का भी मामला सामने आया।
विचारण के दौरान न्यायालय ने अभियुक्तों केे विरुद्ध अपराध का पुख्ता सबूत मिलने पर दोषसिद्ध किया। मामले में निर्णय देते हुए विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट नासिर अहमद तृतीय ने दोषसिद्ध अभियुक्त सलीम व जानू उर्फ जान मोहम्मद को युवती से मारपीट, अश्लील हरकत, जान से मारने की धमकी, दुष्कर्म व अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अपराध में 10-10 साल सश्रम कारावास व आठ-आठ हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।