गोंडा। स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने जमकर फटकार लगाई। लंबित बिलों का भुगतान न करने पर जिला लेखा प्रबंधक का वेतन रोकने का निर्देश दिया।
बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। जिसमें डीएम व सीडीओ ने विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा की।
इस दौरान जिला लेखा प्रबंधक संदीप मल्होत्रा की ओर से कई महीनों से विभिन्न मदों के लंबित बिलों का भुगतान न करने की बात सामने आई।
डीएम ने उनका वेतन रोकने का निर्देश देते हुए एक सप्ताह के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया। चेताया कि तय समय पर भुगतान नहीं हुआ तो लेखा प्रबंधक का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा।
इस दौरान सीएम डैशबोर्ड, मातृ स्वास्थ्य, बाल स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, कम्युनिटी प्रोसेस, एनसीडी, जननी सुरक्षा व मातृ वंदना योजना, एनआरसी में भर्ती बच्चों, आरसीएच पोर्टल फीडिंग, राष्ट्रीय अंधता नियंत्रण कार्यक्रम आदि की समीक्षा की गई।
सभी चिकित्सकों को स्थानीय सीएचसी पर ही रात्रि निवास करने का सख्त निर्देश दिया गया। इस दौरान एम. अरुन्मोली, एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा, सीएमएस महिला अस्पताल डॉ. देवेंद्र सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी अमरनाथ, डीसीपीएम डॉ. आरपी सिंह, बीएसए प्रेमचंद्र यादव आदि रहे।