इसी गड्ढे में मिट्टी दरकने से दो बच्चों की मौत हुई थी।
मनकापुर (गोंडा)। क्षेत्र के सतिया गांव के मजरे डिघिया भरपुरवा मोड़ पर सड़क की पटाई के लिए खेत से खोदी गई मिट्टी के गहरे गड्ढे में रविवार सुबह गांव के ही बच्चे खेल रहे थे। अचानक गड्ढे की मिट्टी दरक कर बच्चों पर गिर गई। जिसमें चार बच्चे दब गए। बच्चों का शोर सुनकर ग्रामीण दौड़े। चारों बच्चों को निकाल कर सीएचसी ले गए जहां चिकित्सक ने दो बच्चों को मृत घोषित कर दिया। दो बच्चों में से एक की गंभीर हालत देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। जान गंवाने वाले बच्चे सगे भाई थे।
कोतवाली मनकापुर क्षेत्र के सतिया गांव के पास से निकले पीडब्ल्यूडी मार्ग की पटाई के लिए माहभर पहले जेसीबी से मिट्टी की खोदाई की गई थी। जिसके लिए सड़क किनारे 8 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। ठेकेदार ने गड्ढे के चारों ओर सुरक्षा यानि बाड़ का भी इंतजाम नहीं किया। रविवार सुबह 11 बजे डिघिया भरपुरवा के रहने वाले आधा दर्जन बच्चे इसी गड्ढे में खेल रहे थे। इसी बीच अचानक गड्ढे की मिट्टी दरक कर बच्चों पर गिर गई।
हादसे में रामजतन भर उर्फ जल्लू के दो बेटे शिवा भर (10) व शिवम उर्फ चिद्दी (8), धनीराम यादव का बेटा पंकज कुमार यादव (13) व तुलसीराम भर का बेटा संजय कुमार भर (11) मिट्टी के मलबे में दब गए। बच्चे शोर मचाते घर की ओर भागे तो गांव वाले दौड़े। आनन-फानन में मिट्टी हटाकर ग्रामीणों ने बच्चों को बाहर निकाला। चारों बच्चों को सीएचसी मनकापुर ले जाया गया। जहां डॉ. डीके भाष्कर ने शिवा और शिवम को मृत घोषित कर दिया। जबकि पंकज को नाजुक हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। संजय का सीएचसी में इलाज चल रहा है।
प्रभारी निरीक्षक चितवन कुमार ने बताया कि दोनों बच्चों के शवों को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेज दिया गया है। सड़क किनारे खोदे गए गड्ढे पर बाड़ नहीं लगाई गई थी। जिसके कारण हादसा हुआ है। अभी तक बच्चों के परिजनों की तरफ से तहरीर नहीं मिली है, तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।