गोंडा। हत्या का भय दिखाकर जबरन वसूली और आपराधिक साजिश रचने के मामले में कई साल फरार चल रहे आरोपी को न्यायालय ने जेल भेज दिया। गैरहाजिर होने पर कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के साथ कुर्की का आदेश दिया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार खोड़ारे थाना क्षेत्र के ग्राम बस्ती खास निवासी बाबुल्लाह ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर कहा कि उसकी साली चीना के साथ लक्ष्मीना देवी उसके घर आई और एक जनवरी 2002 को उसके 14 साल के लड़के कमरुद्दीन को बहलाकर मुंबई लेकर चली गई। वहां उसे वर्षों तक बंधक बनाए रखा। एक मई 2022 को वह अपने पूर्व पति के दो बच्चों के साथ आई और कहा कि वह कमरुद्दीन की पत्नी है और अब इसी घर में रहेगी। मना करने पर उसने अपशब्द कहकर जान से मारने व संगीन मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
अदालत के आदेश पर सात अक्टूबर 2022 को केस दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की और हत्या का भय दिखाकर जबरन वसूली व आपराधिक साजिश रचने के साक्ष्य मिलने पर विवेचक ने नामजद आरोपी लक्ष्मीना देवी निवासी ग्राम अंजुरू फाटा थाना निजामपुरा जिला भिवंडी महाराष्ट्र व हाल पता ग्राम बस्ती खास सहियापुर थाना खोड़ारे व प्रकाश में आए आरोपी मो. इरफान निवासी रघुनंदनपुर कोल्हई गरीब थाना खोड़ारे के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। 24 दिसंबर 2022 को पुलिस ने आरोपी लक्ष्मीना देवी को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन ट्रायल के दौरान अदालत में हाजिर न होने पर न्यायालय ने आरोपी मो. इरफान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर किया। इस पर भी जब इरफान की गिरफ्तारी नहीं हुई तो बीते 30 मई 2024 को न्यायालय ने मो. इरफान के विरुद्ध कुर्की का आदेश दिया और 19 जून 2024 को सुनवाई की तिथि नियत की। इस बीच शुक्रवार को अभियुक्त मो. इरफान ने प्रार्थनापत्र देकर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। मामले की सुनवाई के दौरान मुकदमे के तथ्य, परिस्थितियों व अपराध की गंभीरता देखते हुए विशेष न्यायाधीश (पाॅक्सो एक्ट) राजेश नारायण मणि त्रिपाठी ने मो. इरफान को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया।